अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आयुष्मान कार्ड देकर स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा उपहार दिया। इस योजना के तहत उन्हें और उनके परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। अब तक 3 लाख से अधिक कार्यकत्रियां इसका लाभ पा चुकी हैं।
लखनऊ। 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति की सुरक्षा और सम्मान को समर्पित एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आयुष्मान कार्ड प्रदान कर उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा उपहार दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर पांच आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को आयुष्मान कार्ड सौंपे। प्रदेश में अब तक कुल 3 लाख 684 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं सहित उनके परिवारों को इस योजना का लाभ दिया जा चुका है। इससे इन महिलाओं और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा मिल रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच
महिलाओं का सशक्तीकरण और उन्हें स्वावलंबी बनाना योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री ने लखनऊ की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों गुड़िया सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा अवस्थी, उमा सिंह और लालावती को मंच पर आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। इस पहल के माध्यम से प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कवच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री गुड़िया सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड मिलने से उनका आत्मविश्वास और बढ़ गया है। उनके अनुसार यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस कार्ड के माध्यम से उनके परिवार को इलाज के लिए 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार भी व्यक्त किया। प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत अब तक करीब 75 प्रतिशत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है।
आयुष्मान कार्ड से इलाज की चिंता हुई कम
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अपनी सेवा के दौरान कई जिम्मेदारियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आयुष्मान कार्ड उनके लिए इलाज और स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी गारंटी बनकर सामने आया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रियंका सिंह ने आयुष्मान कार्ड मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को हमेशा प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि अब महिलाएं प्रदेश में भयमुक्त होकर कहीं भी आ-जा सकती हैं। सरकार इलाज की बेहतर व्यवस्था भी कर रही है। गंभीर बीमारी के इलाज में अक्सर भारी खर्च हो जाता है, ऐसे में 5 लाख रुपये तक का इलाज कवर मिलना उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।
महिला सशक्तीकरण को मिला नया बल
प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को आयुष्मान कार्ड योजना के तहत प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाए। इस योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार के सदस्य भी सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश सरकार इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे महिलाओं को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा मिली है और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत हुई है।
महिला दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां केवल पोषण और बाल विकास की जिम्मेदारी ही नहीं निभा रहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित कर सरकार ने नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के अपने संकल्प को और मजबूत किया है।


