UP Horror Crime : यूपी के महाराजगंज में एक व्यक्ति ने अपने 4 साल के बेटे और 3 साल की बेटी की हत्या कर आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में अपनी SSB कर्मी पत्नी और उसके प्रेमी को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।

उत्तर प्रदेश के महराजगंज में से एक दिल दहला देने वाली खबर ने हर किसी शॉक्ड कर दिया है। यहां एक पति ने अपनी बेटा और बेटी की हत्या करने के बाद सुसाइड कर लिया। हैरानी की बात यह है कि युवक की पत्नी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की महिलाकर्मी है। लेकिन युवक ने इस घटना को अंजाम देने से पहले जो सुसाइड नोट लिखा वह कई सवाल खड़े करता है। उसने लिखा मेरी मौत की जिम्मेदार मेरी पत्नी और उसका आशिक है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

मासूम चीखे फिर भी पिता ने उनको नहीं छोड़ा

दरअसल, यह दुखद घटना महराजगंज के गांधी नगर इलाके की है। जहां संडे की सुबह करीब 7 बजे के आसपास की है। जहां अमरीश नाम के युवक ने पहले तो 4 साल के बेटे और 3 साल की बेटी की हत्या कर खिड़की के सहारे लाश टंगी। इसके बाद खुद ने आत्महत्या कर लिया। पति का शव कमरे में कुंड से लटका था। बताया जाता है कि जैसे ही युवक ने मासूमों की चीख निकली तो बिल्डिंग में रहने वाले किराएदारों को कुछ शक हुआ और उन्होंने आवाज लगाई, और दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खोला। इतना ही नहीं पड़ोसियों ने पत्नी को फोन भी किया, उसने भी फोन पिक नहीं किया। तब जाकर लोगों पुलिस को सूचित किया।

मौत से पहले दीवार पर लिखकर गया सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलने पर जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो तीनों की जब तक मौत हो चुकी थी। वहीं दीवार पर जो सुसाइड नोट लिखा था वह चौंकाने वाला था। जिसे युवक ने मौत से पहले लिखा था-''हमारी मौत का कारण मेरी पत्नी और उसका आशिक सोनू गौतम है। मेरे साथ रहते हुए भी वह सोनू से बात करती है। बच्चों को अपने से दूर नहीं कर सकता हूं।

एक खास अपील

आत्महत्या करने से पहले एक बार सोचें... आत्महत्या के बाद क्या होगा? क्या समस्या का हल मिल जाएगा? नहीं। अगर आप मुश्किल में हैं तो अपनों से बात करें। याद रखें कि हर मुश्किल वक्त गुजर जाता है। अगर आप या आपका कोई जानने वाला 'आत्महत्या' के बारे में सोच रहा है, तो मदद मौजूद है। कृपया यह समझें कि दुनिया में आप अकेले नहीं हैं जो समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कभी-कभी लग सकता है कि जिंदगी बहुत मुश्किल है, लेकिन मदद हमेशा उपलब्ध है। दुनिया में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका कोई समाधान न हो। अपनों से या किसी से भी बात करने से आपकी समस्या का हल जरूर निकलेगा। कृपया मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें या हेल्पलाइन पर कॉल करें: सहाय हेल्पलाइन - 080 2549 7777