उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम राज्य में इको टूरिज्म वैन सेवा शुरू करने जा रहा है। पहले चरण में लखनऊ, मथुरा और वाराणसी में इसकी शुरुआत होगी। AR-VR तकनीक से पर्यटकों को वर्चुअल अनुभव मिलेगा और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना से स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा मिलेगा।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक नई और अनोखी पहल शुरू करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए इको टूरिज्म वैन सेवा शुरू की जाएगी। इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में इस सेवा की शुरुआत होगी। इन शहरों से मिले फीडबैक के आधार पर बाद में इसे राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा। UPSTDC की यह इको टूरिज्म वैन सेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सतत और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन की अवधारणा को आगे बढ़ाएगी। इससे पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा और साथ ही कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इको टूरिज्म वैन में मिलेगा वर्चुअल टूर का अनुभव

UPSTDC का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण दोनों को बढ़ावा देना है। इको टूरिज्म वैन पर्यटकों को न सिर्फ यात्रा की सुविधा देगी, बल्कि उन्हें एक अलग तरह का पर्यटन अनुभव भी प्रदान करेगी। इन वैन में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। पर्यटकों के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन तकनीकों के जरिए पर्यटक यात्रा के दौरान ऐतिहासिक स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों और प्राकृतिक सुंदरता का वर्चुअल अनुभव ले सकेंगे। इसके अलावा वैन में GPS ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित की जा सके। टिकट बुकिंग के लिए डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना से जुड़ेंगे स्थानीय व्यंजन

UPSTDC इस इको टूरिज्म वैन सेवा को मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूज़ीन’ योजना के साथ भी जोड़ेगा। इसके माध्यम से पर्यटकों को अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। इस पहल से उन रेस्टोरेंट्स और रसोइयों को भी बढ़ावा मिलेगा जो पारंपरिक व्यंजन तैयार करते हैं। इससे स्थानीय खानपान और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

इको टूरिज्म वैन पर्यटकों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से विभिन्न जिलों के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाएगी। इसके साथ ही रास्ते में आने वाले ग्रामीण और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी इस पहल से फायदा मिलेगा। इससे छोटे और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

UPSTDC की यह नई पहल न सिर्फ इको फ्रेंडली टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। योगी सरकार की यह रणनीति उत्तर प्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे प्रदेश में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।