Barabanki Wedding Controversy: बाराबंकी के कोठी थाना क्षेत्र में शादी के दौरान किन्नरों के आरोप से हंगामा मच गया। विदाई से पहले दूल्हे पर गंभीर आरोप लगे और पुलिस को बुलाना पड़ा। पंचायत के बाद बारात बिना दुल्हन के लौट गई। मामला अब चर्चा में है।

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक शादी उस वक्त सनसनीखेज मोड़ पर पहुंच गई, जब दुल्हन की विदाई से ठीक पहले कुछ किन्नर समारोह स्थल पर पहुंच गए। आरोप ऐसा था, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को स्तब्ध कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा और अंततः बारात बिना दुल्हन के लौट गई। घटना कोठी थाना क्षेत्र की है, जहां 13 फरवरी को एक युवती की शादी दिलौना निवासी रिशु नामक युवक से तय कार्यक्रम के अनुसार संपन्न हुई थी।

जश्न से हंगामे तक: कुछ मिनटों में बदला माहौल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारात गाजे-बाजे के साथ पहुंची थी। विवाह की सभी रस्में विधि-विधान से पूरी की गईं। सिंदूरदान के बाद विदाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान करीब आधा दर्जन किन्नर समारोह स्थल पर पहुंचे। पहले परिजनों को लगा कि वे पारंपरिक नेग लेने आए हैं। लेकिन किन्नरों ने आरोप लगाया कि दूल्हा पुरुष नहीं, बल्कि किन्नर है। यह सुनते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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दूल्हे पर आरोप, बाराती मौके से निकले

आरोप लगते ही अफरातफरी मच गई। किन्नरों ने दूल्हे को पकड़ने की कोशिश की और उसे अपने साथ ले जाने की बात कही। इस बीच बारात में शामिल कई लोग वहां से निकल गए। दुल्हन पक्ष ने दूल्हे और उसकी मां को रोक लिया और पुलिस को सूचना दी।

पुलिस की मौजूदगी में पंचायत

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बात की और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। काफी देर तक समझाइश और बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। अंततः बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

सामाजिक और कानूनी सवाल, सोशल मीडिया पर चर्चा

यह घटना कई स्तरों पर सवाल खड़े करती है—पहचान, पारदर्शिता और वैवाहिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर। विशेषज्ञ मानते हैं कि विवाह जैसे सामाजिक संस्थान में दोनों पक्षों द्वारा तथ्यों की स्पष्ट जानकारी साझा करना आवश्यक है। साथ ही, किसी भी आरोप की पुष्टि बिना चिकित्सीय या कानूनी जांच के सार्वजनिक रूप से करना भी गंभीर सामाजिक परिणाम ला सकता है। इसलिए प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

घटना की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। हालांकि, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अपुष्ट जानकारी या अफवाहें फैलाने से बचें और आधिकारिक बयान का इंतजार करें।

बाराबंकी की यह घटना एक साधारण शादी समारोह से शुरू होकर विवाद में बदल गई। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या निष्कर्ष सामने लाता है।

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