Ujjain Vikas Sinhst 2028: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के तहत 664 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत हुई है। नए हाईवे, गीता भवन और सड़क परियोजनाओं से शहर की कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जानिए पूरी डिटेल।

Singhst 2028: सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर विकास कार्यों की शुरुआत हुई है। करीब 664 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से शहर को कई अहम परियोजनाओं की सौगात मिली है। चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बदनावर से उज्जैन तक 8 लेन सुपर एक्सप्रेस हाईवे का उद्घाटन किया। इसके अलावा, देवास-इंदौर के पास से होकर सीधे गरोठ तक जाने वाला नया हाईवे भी तैयार किया गया है, जिससे दिल्ली तक की यात्रा और आसान हो जाएगी। वहीं, 3839 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला एक बड़ा नेशनल हाईवे गुजरात के द्वारका से लेकर असम की चीन सीमा तक जाएगा। यह हाईवे सोमनाथ और उज्जैन के महाकाल मंदिर को सीधे जोड़ने का काम करेगा। इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में इन विकास कार्यों का लोकार्पण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी इस विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार है।

सिंहस्थ 2028: 3600 करोड़ के नए प्रावधान और तेजी से चल रहे काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर उज्जैन में 13.50 करोड़ रुपये से अधिक के काम पहले से जारी हैं। इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए 3600 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान मंगलनाथ की कृपा से शुभ समय में करीब 664 करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं। इनमें नई सड़कों का निर्माण, विक्रम रेलवे ओवरब्रिज (ROB), सड़क चौड़ीकरण और सीसी रोड निर्माण जैसे काम शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन में 77 करोड़ रुपये की लागत से भव्य गीता भवन बनाने के लिए भूमि पूजन भी किया गया है। राज्य में विकास की गति लगातार जारी है और नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन, गांवों में आदर्श ग्राम और वृंदावन ग्राम की अवधारणा पर काम हो रहा है।

किसान कल्याण वर्ष 2026: आय बढ़ाने और दूध उत्पादन में सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पशुपालन विभाग के प्रयासों से पिछले डेढ़ साल में दूध उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे किसानों को प्रति लीटर 5 से 8 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। शिक्षा क्षेत्र में भी कई सुधार किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जरूरी बदलाव किए गए हैं। छात्रों को साइकिल, यूनिफॉर्म और किताबें मुफ्त दी जा रही हैं। टॉपर छात्रों को स्कूटी और मेधावी छात्रों को लैपटॉप दिए जा रहे हैं। अब स्कूलों में बच्चों को मुफ्त दूध भी मिलेगा, जिसके लिए ‘माता यशोदा योजना’ शुरू की गई है।

सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा: उज्जैन में बनेगा भव्य गीता भवन

इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि उज्जैन में गीता भवन सहित करोड़ों के विकास कार्यों की शुरुआत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत है। उन्होंने बताया कि इंदौर और जबलपुर के बाद अब उज्जैन में भी भव्य गीता भवन बनाया जाएगा। यह भवन युवाओं, शोधार्थियों और आम लोगों को भारतीय संस्कृति, दर्शन और ज्ञान परंपरा से जोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज में संस्कार और भारतीय मूल्यों को मजबूत करेगी और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मददगार होगी।

धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

राज्यपाल ने कहा कि ये सभी विकास कार्य प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘संकल्प से सिद्धि’ के विजन को दर्शाते हैं। इन योजनाओं से उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार, रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।