फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में शनिवार 7 फरवरी को झूला टूटने से बड़ा हादसा हुआ। 13 लोग घायल हुए हैं, जबकि बचाव के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई। हाल के वर्षों में देशभर में झूला और राइड हादसों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

Surajkund Mela Accident: हरियाणा के फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड मेले में लगा एक झूला अचानक टूट गया, जिससे एक पुलिसवाले की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हैं। हादसा शाम सवा 6 बजे हुआ। वैसे, झूला टूटने की ये कोई पहली घटना नहीं है। जानते हैं ऐसे ही 10 बड़े हादसों को।

1- झाबुआ मेला हादसा: बच्चों के झूला टूटने से कई घायल

कब हुआ : 19–20 जनवरी 2026, झाबुआ (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के झाबुआ में उत्कृष्ट मैदान/हायर सेकेंडरी ग्राउंड में आयोजित मेले के दौरान ड्रैगन या नाव वाले झूले के टूटने से लगभग 13–14 स्कूली बच्चे घायल हो गए थे। झूले की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने की वजह से ये हादसा हुआ।

2- चेन्नई, तमिलनाडु

कब हुआ : मई 2025

वीजीपी यूनिवर्सल किंगडम में ‘टॉप गन’ रोलर कोस्टर तकनीकी खराबी के कारण 150 फीट की ऊंचाई पर फंस गया। इस दौरान 36 लोग तीन घंटे से ज्यादा समय तक हवा में लटके रहे।

3- सोलापुर, महाराष्ट्र

कब हुआ : जून 2025

सयाजीराजे पार्क में ‘ऑक्टोपस राइड’ का एक हिस्सा टूटकर अलग हो गया, जिससे 35 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।

4- दिल्ली

कब हुआ : अप्रैल 2025

कापसहेड़ा स्थित फन एंड फूड विलेज में एक 24 साल की युवती की रोलर कोस्टर से गिरने के कारण मौत हो गई।

5- राजकोट, गुजरात

कब हुआ : मई 2024

टीआरपी गेम जोन में भीषण आग लगने से 32 लोगों की जान चली गई।

6- मोहाली, पंजाब

कब हुआ - सितंबर 2022

दशहरा मैदान में एक ऊंची ‘ड्रॉप टावर’ राइड गिरने से 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे, जबकि उस समय झूले पर 35 लोग सवार थे।

7- सोनपुर मेला, बिहार

कब हुआ : नवंबर 2022

70 फुट ऊंचे फेरिस व्हील (झूला) के टूटने से उसके केबिन नीचे गिर गए, जिसमें 4 लोग घायल हो गए थे।

8- अहमदाबाद, गुजरात

कब हुआ : जुलाई 2019

कांकरिया एडवेंचर पार्क में ‘डिस्कवरी’ नामक झूला टूटने से 2 लोगों की मौत हो गई थी और 27 लोग घायल हुए थे।

बार-बार हो रहे हादसों पर उठ रहे गंभीर सवाल

देश के अलग-अलग हिस्सों में मेले और मनोरंजन पार्कों में झूलों और राइड्स से जुड़े हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। इन घटनाओं ने सुरक्षा मानकों, नियमित जांच और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।