खामेनेई की हत्या के विरोध में पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन हुए, जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू पर मुकदमे की मांग की गई। आतंकी खतरे के चलते भारत में हाई अलर्ट जारी किया गया है और श्रीनगर में झड़पें हुई हैं। सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

कोलकाता: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को बंगाल माइनॉरिटी फेडरेशन की अगुवाई में कोलकाता समेत कई जगहों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ इंटरनेशनल कोर्ट में हत्या का मुकदमा चलाया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अमेरिका और इजरायल की इस सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करेंगे, क्योंकि इसके दुनिया भर में गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

भारत में हाई अलर्ट

पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए भारत में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। यह कदम अल-कायदा और ISIS जैसे संगठनों से हमले के खतरे को देखते हुए उठाया गया है। निर्देशों में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखी जाए, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सख्ती से जांच हो और यहूदी व ईरानी संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। अल-कायदा और ISIS से हमले के खतरे को देखते हुए ही गृह मंत्रालय ने यह सख्त अलर्ट जारी किया है। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया के हालात का फायदा उठाकर आतंकी ताकतें माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकती हैं।

गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि ईरान के समर्थन में भड़काऊ भाषण देने वालों पर नजर रखी जाए और विरोध प्रदर्शनों को हिंसक होने से रोका जाए। इस बीच, श्रीनगर में पुलिस और खामेनेई समर्थक अलगाववादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। यह अलर्ट जारी रहने के दौरान ही श्रीनगर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच यह टकराव हुआ। खामेनेई के समर्थन में नारे लगा रहे अलगाववादी गुटों ने पुलिस पर पत्थर फेंके। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन जब पत्थरबाजी जारी रही तो आंसू गैस के गोले दागे गए। यह घटना ऐसे समय हुई है जब कश्मीर में विभिन्न संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का असर दिख रहा है। जिन इलाकों में कल प्रदर्शन हुए थे, वहां आज भारी सुरक्षा बल तैनात है। इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई है और दो दिनों के लिए स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।