प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल पहुंचे। उनकी फ्लाइट को Flightradar24 पर दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक किया गया। विमान ने पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से बचते हुए दिल्ली से तेल अवीव तक उड़ान भरी। यात्रा Air India One से हुई।
PM Modi Israel Tour: पीएम मोदी अपने दो दिन दौरे पर इजरायल पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा के दौरान उनकी फ्लाइट लोकेशन को दुनिया में सबसे ज्यादा ट्रैक किया गया। विमान मूवमेंट पर नजर रखने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Flightradar24 के आंकड़ों के मुताबिक, पीएम मोदी की फ्लाइट को विश्व में सबसे ज्यादा देखा गया। फ्लाइटरडार के अनुसार, बुधवार शाम करीब 3:45 बजे जब पीएम मोदी की फ्लाइट सऊदी अरब से जॉर्डन के एयरस्पेस में एंटर कर रही थी, उस समय 7184 लोग इसे लाइव ट्रैक कर रहे थे। यह आंकड़ा बताता है कि इस उड़ान को लेकर ग्लोबल लेवल पर कितनी उत्सुकता थी।
9 साल में मोदी की दूसरी इजराइल यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पिछले 9 साल में यह दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले वे जुलाई 2017 में वहां गए थे। पीएम मोदी बुधवार को इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ निजी बैठक करेंगे। इसके अलावा वो वहां की संसद को भी संबोधित करेंगे। पीएम इजराइल में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगे।
दोनों देशों के बीच हथियारों से जुड़ी डील संभव
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हथियारों से जुड़ी डील भी हो सकती है, जिनमें ड्रोन और एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इजराइली अखबार 'द जेरूसलम पोस्ट' ने PM मोदी के दौरे पर उनके स्वागत के लिए एक खास फ्रंट पेज पब्लिश किया। फ्रंट पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ हिंदी में ‘नमस्ते’ लिखा। वहीं बाजू में हिब्रू भाषा में भी ‘शालोम’ लिखा है, जिसका मतलब हेलो या नमस्ते है।

पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से बचते हुए तय हुआ रूट
पीएम मोदी का विमान इजरायल जाते समय पाकिस्तान और ईरान के एयरस्पेस से पूरी तरह बचकर गया। विमान दिल्ली से उड़ान भरकर पहले गुजरात के ऊपर से होते हुए अरब सागर को पार कर ओमान पहुंचा। इसके बाद यह सऊदी अरब के एयरस्पेस से गुजरते हुए जॉर्डन में दाखिल हुआ। जॉर्डन के बाद इजरायल की सीमा शुरू हो जाती है, जहां से विमान ने अपनी अंतिम उड़ान पूरी की। प्रधानमंत्री इस यात्रा पर Air India One से गए। यह भारत सरकार का विशेष विमान है, जिसका उपयोग प्रधानमंत्री और अन्य उच्च पदाधिकारियों की ऑफिशियल यात्राओं के लिए ही किया जाता है।


