CM योगी ने टोक्यो में यूपी निवेश रोड शो के दौरान जापानी निवेशकों को प्रदेश में निवेश का न्योता दिया। 25 करोड़ की आबादी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, जापान इंडस्ट्रियल सिटी और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट जैसे अवसरों से यूपी मजबूत हो सकता है।

सिंगापुर के बाद अब जापान की राजधानी में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की गूंज सुनाई दी। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath टोक्यो पहुंचे और वहां आयोजित वृहद यूपी निवेश रोड शो में दुनिया के बड़े उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश में निवेश का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने साफ कहा कि आज का यूपी सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योग जगत से अपील की कि वे उत्तर प्रदेश आएं, यहां निवेश करें और प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर का भी अनुभव लें। उनका कहना था कि यूपी में निवेश केवल कारोबार नहीं, बल्कि भारत-जापान रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर है।

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भारत-जापान की सांस्कृतिक आत्मीयता पर जोर

जापान को ‘लैंड ऑफ द सनराइज’ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है और भगवान बुद्ध की कर्मभूमि भी। सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु और कौशांबी जैसे बौद्ध स्थलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट के विकास से स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई रफ्तार मिली है। उन्होंने इस सांस्कृतिक जुड़ाव को भारत और जापान के बीच प्राकृतिक साझेदारी का आधार बताया।

25 करोड़ की आबादी, सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कभी बीमारू कहे जाने वाला प्रदेश आज देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद यूपी देश का लगभग 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, एग्री लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग सेक्टर में बड़े अवसर बन रहे हैं।

जल संसाधन और युवा शक्ति बनी बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को कुशल मानव संसाधन मिलता है। इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन यूपी में है। एक्सप्रेसवे किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।

500 एकड़ में बनेगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी

मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को विशेष रूप से प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में जानकारी दी। Noida International Airport के पास 500 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जहां जापानी कंपनियों के लिए क्लस्टर आधारित औद्योगिक शहर विकसित होगा। प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय हैं। बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के कारण निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा।

मोबाइल से सेमीकंडक्टर तक बड़े अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड—चारों मौजूद हैं। देश के 55 प्रतिशत मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और लगभग 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी है।

डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है, जबकि बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है।

एमएसएमई और आसान निवेश व्यवस्था

2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में यूपी को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ की परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं। राज्य में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं। नई इकाइयों को 1000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है।

पर्यटन और नई अर्थव्यवस्था के अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए। इससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में बड़े अवसर पैदा हुए हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल, डीप टेक, फिनटेक, मेडटेक और सर्विस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी और जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक सहित बड़ी संख्या में जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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