हंगरी में विक्टर ओर्बान के 16 साल के शासन का अंत हो गया है। उनके पूर्व सहयोगी पीटर मैग्यार की टिस्ज़ा पार्टी ने संसदीय चुनाव में 199 में से 138 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। ओर्बान की पार्टी 55 सीटों पर सिमट गई।

बुडापेस्ट: हंगरी की सियासत में एक नया दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान के 16 साल पुराने शासन का अंत हो गया है। ओर्बान के ही पूर्व करीबी और शिष्य रहे पीटर मैग्यार की 'टिस्ज़ा' (TISZA) पार्टी ने संसदीय चुनाव में ज़बरदस्त जीत हासिल की है। जीत के बाद बुडापेस्ट में डैन्यूब नदी के किनारे जमा हज़ारों समर्थकों से मैग्यार ने कहा, "आज रात, झूठ पर सच की जीत हुई है।"

सोमवार सुबह तक 97।35% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी। नतीजों के मुताबिक, 199 सीटों वाली संसद में मैग्यार की सेंटर-राइट पार्टी ने 138 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया। उन्हें कुल 53।6% वोट मिले। वहीं, ओर्बान की धुर-दक्षिणपंथी पार्टी 'फिडेस' (Fidesz) 37।8% वोटों के साथ सिर्फ 55 सीटों पर सिमट गई।

बुडापेस्ट में डैन्यूब नदी के किनारे जमा हज़ारों समर्थकों की भीड़ को संबोधित करते हुए 45 साल के मैग्यार ने कहा, "आज रात, झूठ पर सच की जीत हुई है।"

कौन हैं पीटर मैग्यार?

हंगेरियन भाषा में 'मैग्यार' का मतलब 'हंगेरियन' ही होता है। पीटर मैग्यार का जन्म मार्च 1981 में बुडापेस्ट में वकीलों के परिवार में हुआ था। वह 2000 से 2005 तक हंगरी के राष्ट्रपति रहे फेरेंक माडल के पोते भी हैं। मैग्यार कई बार कह चुके हैं कि सोवियत संघ के खिलाफ लोकतंत्र की लड़ाई में ओर्बान की लीडरशिप ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया।

मैग्यार ने 2006 में जूडिट वर्गा से शादी की थी, जिनसे उनके तीन बच्चे हैं। जूडिट, ओर्बान सरकार में न्याय मंत्री भी रह चुकी हैं। 2023 में दोनों का तलाक हो गया। मैग्यार खुद भी विदेश मंत्रालय और ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ में अधिकारी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने कई सरकारी कंपनियों के प्रमुख के तौर पर भी काम किया।

सालों तक ओर्बान के वफादार रहे मैग्यार 2024 में एक विवाद के बाद अपनी ही पार्टी के खिलाफ हो गए। दरअसल, हंगरी की राष्ट्रपति कैटलिन नोवाक ने बच्चों के शेल्टर होम में यौन शोषण के एक मामले को दबाने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को माफी दे दी थी। इस मामले में मैग्यार की पूर्व पत्नी जूडिट वर्गा का भी नाम आया। इस घटना के बाद वर्गा और राष्ट्रपति दोनों को इस्तीफा देना पड़ा।

इसके तुरंत बाद, मैग्यार ने ओर्बान सरकार में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलनी शुरू कर दी। उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी के साथ हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग जारी की। यह रिकॉर्डिंग इस बात का सबूत थी कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में दखल दे रही है। इस घटना के बाद मैग्यार जनता के बीच एक हीरो बन गए।

हालांकि, मैग्यार का नाम भी कई विवादों में आया। उनकी पूर्व पत्नी जूडिट वर्गा ने उन पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर ड्रग्स के इस्तेमाल और सेक्स स्कैंडल से जुड़ी तस्वीरें भी वायरल हुईं। लेकिन मैग्यार ने इसे ओर्बान की पार्टी की साज़िश बताया और जनता के बीच अपना काम जारी रखा।

चुनाव में उनका सबसे बड़ा वादा हंगरी की गिरती अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करना है। माना जा रहा है कि वह यूरोपीय संघ के साथ बिगड़े रिश्तों को सुधारने की कोशिश करेंगे। वह पहले ही कह चुके हैं कि 2035 तक रूस पर ऊर्जा की निर्भरता कम करेंगे। हालांकि, उन्होंने यूक्रेन के तुरंत यूरोपीय संघ में शामिल होने पर असहमति जताई है।

हंगरी के युवाओं के लिए मैग्यार की जीत एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है। कई लोग इसे 16 साल के एक ही तरह के शासन से देश की आज़ादी के तौर पर देख रहे हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र को बनाना, उसे तोड़ने से कहीं ज़्यादा मुश्किल काम है।