Nigeria Fertility Festival: नाइजीरिया के डेल्टा राज्य में आयोजित फर्टिलिटी फेस्टिवल विवादों में घिर गया है। महिलाओं को सड़क पर दौड़ाकर कथित यौन हिंसा किए जाने के आरोपों के बाद कई गिरफ्तारियां हुई हैं। घटना को लेकर मानवाधिकार संगठनों और सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश है।
Alue Do Festival News: नाइजीरिया के डेल्टा राज्य से सामने आई एक घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। एक पारंपरिक फर्टिलिटी फेस्टिवल, जिसे स्थानीय समुदाय सांस्कृतिक आयोजन के रूप में मनाता है, अब गंभीर आरोपों और अंतरराष्ट्रीय आलोचना के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया से लेकर मानवाधिकार संगठनों तक, हर जगह इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च महीने में डेल्टा स्टेट के ओरामुडू समुदाय में आयोजित ‘अलुए-डो’ फेस्टिवल के दौरान कई महिलाओं के साथ सार्वजनिक रूप से कथित यौन हिंसा की गई। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “रेप फेस्टिवल” तक कहा गया है।
क्या है पूरा मामला?
फ्रांस 24 और अन्य अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेस्टिवल के दौरान महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों के समूहों द्वारा दौड़ाया गया। आरोप है कि कई महिलाओं के कपड़े जबरन फाड़े गए और उनके साथ भीड़ के बीच यौन उत्पीड़न किया गया। घटना के दौरान मौजूद कुछ लोगों पर आरोप है कि उन्होंने हिंसा रोकने की बजाय तमाशबीन की भूमिका निभाई। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भीड़ में बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ कुछ नाबालिग लड़के भी शामिल थे। बताया जा रहा है कि पीड़ित महिलाओं में पास के विश्वविद्यालय की छात्राएं भी शामिल हैं। कुछ को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
यह भी पढ़ें: UP में मौसम का बड़ा यू-टर्न, इन जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरने की चेतावनी
छात्रा ने सुनाई आपबीती
घटना की एक पीड़िता, जो एक छात्रा बताई जा रही है, ने मीडिया को अपना दर्दनाक अनुभव बताया। उसके अनुसार, जैसे ही वह मोटरसाइकिल से इलाके में पहुंची, भीड़ ने उसे पहचान लिया। पीड़िता ने बताया कि लोग चिल्लाने लगे, “उसे पकड़ो, वह महिला है।” इसके बाद भीड़ ने उसे घेर लिया। उसने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में लोगों ने उसके कपड़े खींचे, उसे जबरन निर्वस्त्र किया और उसके शरीर के साथ अभद्र हरकतें कीं। वह लगातार मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन भीड़ नहीं रुकी। पीड़िता के अनुसार, बाद में एक राहगीर ने हस्तक्षेप कर उसे वहां से बचाया। इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया। उसने कहा कि घटना के बाद वह शारीरिक दर्द और मानसिक आघात से गुजर रही है।
पुलिस ने कई लोगों को किया गिरफ्तार
डेल्टा स्टेट पुलिस ने पुष्टि की है कि मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में एक स्थानीय सामुदायिक नेता और चार युवक शामिल बताए जा रहे हैं। डेल्टा स्टेट पुलिस के प्रवक्ता ब्राइट एडाफे ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और सभी दोषियों पर मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस कमिश्नर आइना अडेसोला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरफ्तार आरोपियों को तुरंत स्टेट क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया है। महिला अधिकार संगठन “विमेन्स राइट्स एडवांसमेंट एंड प्रोटेक्शन अल्टरनेटिव” से जुड़ी जेंडर राइट्स एडवोकेट रीटा आइकी ने कहा कि जब इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक रूप से होती हैं और लोग उसे तमाशे की तरह देखते हैं, तो यह समाज में खतरनाक सामान्यीकरण का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सोच से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
सोशल मीडिया पर बढ़ा गुस्सा
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई यूजर्स ने पारंपरिक आयोजनों के नाम पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर सवाल उठाए हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सांस्कृतिक परंपराओं और उत्सवों की आड़ में किसी भी प्रकार की हिंसा या यौन अपराध को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं, पीड़ित महिलाओं को मेडिकल और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है। यह घटना केवल नाइजीरिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा, भीड़ हिंसा और सामाजिक जवाबदेही को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
यह भी पढ़ें: हॉर्मुज संकट के बीच बदलेगा मध्य पूर्व का व्यापारिक नक्शा? सऊदी, UAE और तुर्की तलाश रहे नए रास्ते
