इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी मौत की अफवाहों का खंडन किया है। उन्होंने अमेरिकी राजदूत के साथ एक वीडियो जारी कर अपने जीवित होने की पुष्टि की। ये अफवाहें ईरान से तनाव के बीच AI-जनित होने के दावों के साथ फैली थीं।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक और वीडियो जारी कर अपनी मौत की अफवाहों का खंडन करना पड़ा है। सोशल मीडिया पर ये झूठी खबरें फैलाई जा रही थीं कि ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच उनकी मौत हो गई है। अपने नए वीडियो में नेतन्याहू, इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकबी के साथ टहलते और बात करते हुए दिखे। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में इन वायरल अफवाहों को खारिज कर दिया।

ये अफवाहें तब और तेज़ हो गईं, जब सोशल मीडिया पर कुछ गुमराह करने वाली पोस्ट्स और एडिटेड फुटेज सामने आईं। इनमें नेतन्याहू की 'छह उंगलियां' दिखाई दे रही थीं। इसके बाद दावा किया जाने लगा कि ये वीडियो AI से बनाए गए हैं या फिर उनकी जगह किसी डिजिटल हमशक्ल का इस्तेमाल हो रहा है। यह नया वीडियो उनकी सलामती का सबूत देने और बढ़ते तनाव के बीच अपने समर्थकों को भरोसा दिलाने के लिए जारी किया गया।

इस हल्की-फुल्की बातचीत के दौरान, हकबी ने मज़ाक में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें खुद आकर इजरायली नेता का हालचाल लेने को कहा था। इस पर नेतन्याहू ने साफ-साफ जवाब दिया, "हां, माइक। हां, मैं ज़िंदा हूं।" दोनों ने इन अफवाहों पर मज़ाक करना जारी रखा और यहां तक कि उनकी उंगलियों को लेकर वायरल हो रहे दावों का भी ज़िक्र किया।

वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में नेतन्याहू ने लिखा: "लिस्ट से नाम काटना अच्छी बात है - और अपने अमेरिकी दोस्तों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ऐसा करना और भी बेहतर है। राजदूत @GovMikeHuckabee से मिलकर अच्छा लगा। हमेशा खुशी होती है।"

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इस मौके का इस्तेमाल इजरायली नेता ने ईरान के सीनियर अधिकारियों के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों पर बात करने के लिए भी किया। उन्होंने संकेत दिया कि इजरायल अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय अस्थिरता से जुड़े खतरों का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनकी बातों से यह भी साफ हुआ कि ये अफवाहें किस बड़े रणनीतिक माहौल में फैल रही हैं।

इससे पहले भी नेतन्याहू ने एक कैफे में बनाए गए अनौपचारिक वीडियो में इन अफवाहों पर बात की थी। तब उन्होंने मज़ाक में कहा था कि वह "कॉफी के लिए मरे जा रहे हैं" और डीपफेक की कहानियों को गलत साबित करने के लिए लोगों से अपनी उंगलियां गिनने को कहा था। उनके ये वीडियो ऑनलाइन खूब शेयर हुए और इन्हें लाखों व्यूज़ मिले, जो इस गलत सूचना अभियान पर दुनिया भर के ध्यान को दिखाता है।

जानकारों का कहना है कि यह पूरा मामला दिखाता है कि भू-राजनीतिक संकट के समय AI से फैलाई जाने वाली गलत सूचनाओं का असर कितना बढ़ गया है। सोशल मीडिया एल्गोरिदम और पक्षपातपूर्ण मैसेजिंग से वायरल होने वाली ऐसी झूठी थ्योरीज़ की वजह से सरकारों के लिए संघर्ष के दौरान सही जानकारी देना मुश्किल होता जा रहा है।

हालांकि इजरायली अधिकारी और राजनयिक प्रतिनिधि बार-बार इस बात से इनकार कर चुके हैं और पुष्टि कर चुके हैं कि नेतन्याहू ज़िंदा और सक्रिय हैं, फिर भी ये अफवाहें बार-बार सिर उठाती रहती हैं। अक्सर ऐसा तब होता है जब कोई बड़ी सैन्य हलचल होती है।

इसलिए, हकबी के साथ यह नया वीडियो न केवल झूठे दावों का जवाब है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि डिजिटल युग में गलत सूचना कितनी तेज़ी से फैल सकती है। जानकारों की चेतावनी है कि जब तक इस क्षेत्र में तनाव बना रहेगा, ऐसी कहानियां जनता की राय और अंतरराष्ट्रीय बहस को प्रभावित करती रहेंगी।