कंगना रनौत ने राहुल गांधी को “टपोरी” बताते हुए उनके व्यवहार पर सवाल उठाए। संसद में चाय-नाश्ते की घटना के बाद 84 पूर्व अधिकारियों ने ओपन लेटर लिखकर माफी की मांग की है। एसपी वैद ने इसे संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया है।
Kangana Ranaut on Rahul Gandhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनोट ने बुधवार को कांग्रेस लीडर राहुल गांधी को 'टपोरी' बताते हुए कहा कि वह महिलाओं को अनकम्फर्टेबल महसूस कराते हैं। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा, “राहुल गांधी को देखकर हम महिलाओं को बहुत असहज महसूस होता है। वे एकदम टपोरी की तरह आते हैं और लोगों से तू-तड़ाक करके बात करते हैं। अगर कोई इंटरव्यू दे रहा होता है तो वे हूटिंग करते हैं।”
प्रियंका गांधी के व्यवहार की तारीफ
कंगना रनोट ने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के व्यवहार से कुछ सीखें। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी का आचरण बहुत अच्छा है और वह एक उदाहरण पेश करती हैं। कंगना ने आगे कहा, “राहुल गांधी खुद शर्म की बात हैं।”
विवाद की वजह: संसद में चाय-नाश्ते की घटना
यह विवाद उस घटना के बाद बढ़ा, जब 12 मार्च को राहुल गांधी को संसद के मकर द्वार एंट्रेंस पर अपने सहयोगियों के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान चाय और बिस्कुट खाते हुए देखा गया। इस घटना के बाद 84 पूर्व ब्यूरोक्रेट्स, 116 पूर्व अधिकारियों और चार वकीलों ने एक ओपन लेटर जारी किया। इसमें राहुल गांधी से बजट सत्र के दौरान हुई इस घटना के लिए माफी मांगने की मांग की गई।
एसपी वैद ने जताई आपत्ति
जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP रहे एसपी वैद ने इस लेटर का नेतृत्व किया। उन्होंने 12 मार्च की घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि यह संसद के अधिकारों की अनदेखी को दर्शाता है। एसपी वैद ने कहा कि संसद में राहुल गांधी का व्यवहार विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के पद के अनुरूप नहीं है। उनके अनुसार, इस तरह का रवैया हक और घमंड को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी संसद की सीढ़ियों पर बैठकर नारे लगाते हुए चाय पीते हैं, जो इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा के खिलाफ है।
जिम्मेदार भूमिका निभाने की अपील
ओपन लेटर में हस्ताक्षर करने वालों ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद बहुत जिम्मेदारी वाला होता है, लेकिन राहुल गांधी के व्यवहार से ऐसा नहीं लगता कि वे इसकी अहमियत समझते हैं। एसपी वैद ने राहुल गांधी से माफी मांगने और एक जिम्मेदार नेता की तरह व्यवहार करने की अपील की है।


