सोशल मीडिया पर वायरल हुए जापानी बंदर 'पंच' की कहानी का इस्तेमाल मुंबई और दिल्ली पुलिस ने एक खास मकसद के लिए किया है। वे इस प्यारे से बंदर के जरिए लोगों को नेशनल इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक छोटे से जापानी बंदर 'पंच' की कहानी खूब वायरल हो रही है। अब मुंबई और दिल्ली पुलिस ने इसी कहानी का इस्तेमाल लोगों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए किया है। इस कैंपेन का मकसद नेशनल इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 112 को पॉपुलर बनाना है। पंच, जापान के इचिकावा सिटी ज़ू में पैदा हुआ एक 'जापानी मकाक' बंदर है। जन्म के तुरंत बाद उसकी मां ने उसे छोड़ दिया था। इसके बाद ज़ू के कर्मचारियों ने उसे एक ऑरंगुटान का खिलौना दिया। इस खिलौने को सीने से लगाकर सोते हुए पंच की तस्वीरों ने दुनिया भर में लोगों का दिल जीत लिया।

मुंबई पुलिस ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर गांधीजी के तीन बंदरों वाले सिद्धांत पर आधारित चार तस्वीरें शेयर कीं। 'बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत बोलो' के साथ उन्होंने पंच की तस्वीर जोड़कर एक नया संदेश दिया - 'बुरा मत करो'। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, 'समझदार बनो, गलत कामों की रिपोर्ट करो' (Be wise, report vice) और इसके लिए #JustPunchIn112 हैशटैग का इस्तेमाल किया।

दिल्ली पुलिस भी इस कैंपेन में पीछे नहीं रही। उन्होंने एक तस्वीर शेयर की जिसमें एक पुलिस अधिकारी पंच के साथ चलता दिख रहा है। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'पंच की कहानी हमें एक बात याद दिलाती है, हर किसी को किसी न किसी की मदद की जरूरत होती है। हम हमेशा आपके लिए यहां हैं।'

आपको बता दें कि 112 एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इमरजेंसी नंबर है। इसकी खासियत यह है कि पुलिस, एम्बुलेंस और फायर सर्विस जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं एक ही नंबर पर मिल जाती हैं। इस पर फोन कॉल के अलावा SMS, ईमेल, पैनिक बटन और '112 India' मोबाइल ऐप के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है।

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फिलहाल, पंच चिड़ियाघर में दूसरे बंदरों के साथ घुलने-मिलने की कोशिश कर रहा है। चिड़ियाघर के कीपर कोसुके शिकानो ने बताया कि शुरुआत में बड़े बंदरों ने उसे थोड़ा परेशान किया और नजरअंदाज भी किया, लेकिन अब पंच धीरे-धीरे अपने झुंड में शामिल हो रहा है।