मध्यप्रदेश में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त जारी करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। ग्वालियर के घाटीगांव में आयोजित कार्यक्रम में 1836 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई और कई विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया गया।
भोपाल। मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन बेहद खास रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये ट्रांसफर किए।
ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में कुल 1836 करोड़ रुपये की राशि भेजी। इस कार्यक्रम के दौरान 121 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद महिलाओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके अलावा कई हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र, स्व-सहायता समूहों के चेक और मुद्रा योजना के चेक भी वितरित किए गए।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में प्रदेश की बहनों और बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जून 2023 से फरवरी 2026 तक लाड़ली बहना योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित भुगतान किया जा चुका है। इस अवधि में कुल 54,140 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपये की यह राशि एक तरह की विशेष सौगात है। सरकार ने नवंबर 2025 से योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता में 250 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है।
लाड़ली बहनों को रोजगार और कौशल से भी जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखना चाहती। सरकार का लक्ष्य है कि योजना से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए। इस पहल से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। सरकार इस दिशा में कई अहम फैसले ले चुकी है और आगे भी नई योजनाएं शुरू की जाएंगी।
ग्वालियर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं की सौगात
मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार क्षेत्र को 122 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इनमें 40 करोड़ रुपये की लागत से बने भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और एक नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है। डबरा के जौरासी गांव में B. R. Ambedkar स्मारक के दूसरे चरण के निर्माण के लिए लगभग 12.5 हजार करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीटों वाले बालक और बालिका छात्रावासों का भी भूमिपूजन किया गया है। आईएसबीटी के पास लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण कराया जा रहा है।
औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 से अब तक ग्वालियर क्षेत्र में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। लगभग 12.5 हजार करोड़ रुपये के निवेश से यहां हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है, जबकि मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि Kuno National Park में चीता परिवार लगातार बढ़ रहा है। वहीं Madhav National Park अब टाइगर, घड़ियाल और कछुए के संरक्षण के लिए नई पहचान बना रहा है।
किसानों और पशुपालकों के लिए भी नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों से गेहूं की खरीद पर 40 रुपये बोनस देने का फैसला किया है। इसके अलावा प्रदेश में पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
- भितरवार के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में बदला जाएगा।
- घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराया जाएगा।
- भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के लिए आईटीआई केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- भितरवार में मां शबरी माता के भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा।
- संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है और यहां तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की नई कहानी लिखी जा रही है और आज लाड़ली बहनों को योजना की 34वीं किस्त सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है। देश अमृतकाल से आगे बढ़कर शताब्दी काल की ओर अग्रसर है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। इसी सोच के तहत मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना जैसी योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में लाड़ली बहनों को हर महीने 3000 रुपये तक की सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।


