ईरान पिछले 2 हफ्तों से अमेरिका से जंग लड़ रहा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि उसने डायरेक्ट अमेरिका पर अब तक हमला क्यों नहीं किया? आखिर ईरान खाड़ी देशों में अमेरिका के सहयोगियों पर ही हमले क्यों कर रहा है? आखिर इसके पीछे क्या वजह है, आइए जानते हैं।
IRAN-US WAR: ईरान की इजराइल-अमेरिका से जंग को 14 दिन हो चुके हैं, लेकिन युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में कई लोगों के मन में ये विचार जरूर आया होगा कि ईरान अमेरिका के सहयोगी और खाड़ी देशों पर तो खुलकर हमले कर रहा है, लेकिन उसने एक भी हमला सीधे अमेरिका पर नहीं किया है। आखिर क्यों अमेरिका पर डायरेक्ट हमले नहीं कर रहा ईरान, आइए जानते हैं।
अमेरिका पर सीधे हमले क्यों नहीं कर रहा ईरान?
ईरान ने अब तक अमेरिका के सहयोगी और खाड़ी देशों में उसके एयरबेस को ही निशाना बनाया है। डायरेक्ट अमेरिका पर हमला न करने के पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि ईरान के पास अब तक कोई ऐसी मिसाइल नहीं है, जो अमेरिका तक पहुंच सके। ईरान से अमेरिका की दूरी करीब 11,500 किलोमीटर है। इतनी दूरी तय करने के लिए ईरान के पास एक भी ऐसी मिसाइल नहीं है।
ईरान के पास 2500 KM से ज्यादा रेंज की मिसाइल नहीं
ईरान के पास जो सबसे लंबी रेंज की मिसाइल सेजिल है, उसकी रेंज महज 2500 KM है। यानी इस मिसाइल से वो कभी भी अमेरिका पर सीधा हमला नहीं कर सकता है। इसके लिए ईरान को इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (ICBM) की जरूरत पड़ेगी, जो उसके पास अब तक नहीं है। आईसीबीएम मिसाइल एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक हमला करने में सक्षम होती हैं।
ICBM मिसाइल क्या है?
अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 1959 में तैनात की गईं और आज भी अमेरिका का एक महत्वपूर्ण हथियार बनी हुई हैं। आईसीबीएम की मारक क्षमता 5000 से 15000 KM तक होती है। यानी इसकी जद में दुनिया का लगभग हर एक टारगेट हो सकता है। ज्यादातर ICBM को न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने के लिए बनाया जाता है।
ICBM मिसाइल की खासियत
यह अंतरिक्ष की ऊंचाई तक जाकर फिर लक्ष्य पर गिरती है, इसलिए इसकी गति मैक 20–25 (लगभग 24,000 किमी/घंटा) तक हो सकती है। इस मिसाइल में सबसे पहले रॉकेट लॉन्च होकर ऊपर जाता है। इसके बाद यह अंतरिक्ष में लंबी दूरी तय करता है और बाद में अपने लक्ष्य की ओर तेजी से गिरता है।
दुनिया की 10 सबसे घातक मिसाइलें
रैंकिंग | मिसाइल | रेंज | किस देश के पास | जद में कितना हिस्सा |
| 1- | RS-28 सरमट | 18,000 KM | रूस | पूरी दुनिया |
| 2- | R-36एम | 16,000 KM | रूस | पूरी दुनिया |
| 3- | DF-61 | 13,000 से 16,000 KM | चीन | पूरी दुनिया |
| 4- | ह्वासोंग-17 | 15,000 KM | उत्तर कोरिया | पूरी दुनिया |
| 5- | मिनटमैन III | 13,000 KM | अमेरिका | पूरी दुनिया |
| 6- | ट्राइडेंट II (D5) | 12,000 KM | अमेरिका | पूरी दुनिया |
| 7- | एम51 (सबमरीन से लॉन्च की जाने वाली) | 10,000 KM | फ्रांस | लगभग पूरी दुनिया |
| 8- | JL-3 | 9000 से 12,000 KM | चीन | लगभग पूरी दुनिया |
| 9- | अग्नि-5 | 5500 से 8000 KM | भारत | लगभग आधी दुनिया |
| 10- | जेरिको III | 4800 से 6500 KM | इजराइल | लगभग आधी दुनिया |
सोर्स - (सोर्स: आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन और विकिपीडिया)


