सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरानी हमले में लगभग एक दर्जन अमेरिकी सैनिक घायल और ईंधन भरने वाले विमानों को भी नुकसान। ईरान-इजरायल-यूएस संघर्ष के चौथे हफ्ते में सुरक्षा और राजनीतिक संकट बढ़ रहा है। हूथी यमन में शामिल होने की धमकी दे रहे हैं। जानिए कैसे तेल अवीव, कुवैत और UAE में हमले बढ़ा रहे हैं तनाव और क्या अगला कदम हो सकता है।

Iran Israel US War: मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का चौथा हफ्ता है और हाल ही में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर ईरानी मिसाइल हमले ने अमेरिका के लिए नई चिंता पैदा कर दी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में लगभग एक दर्जन अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। इनमें कुछ की चोटें गंभीर हैं, जबकि कुछ की हालत स्थिर बताई जा रही है।

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तेल अवीव में हमले का रहस्य: कौन खोया जीवन?

तेल अवीव में हुए हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई, जिसकी उम्र 60 के दशक में थी। MDA के वरिष्ठ EMT शाई बचार ने बताया कि घटनास्थल पर व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा था और गंभीर चोटों के कारण उसे मृत घोषित किया गया। इस हमले ने इजरायल में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

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कुवैत ने कैसे रोके 6 ईरानी ड्रोन?

कुवैत के नेशनल गार्ड ने पिछले 24 घंटों में 6 ड्रोन मार गिराने की जानकारी दी। यह घटनाक्रम दिखाता है कि ईरान अपने हमलों में क्षेत्रीय विस्तार कर रहा है और पड़ोसी देशों की सुरक्षा भी खतरे में है।

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क्या हूथी यमन में युद्ध में शामिल होंगे?

हूथी प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर मध्य-पूर्व में युद्ध और बढ़ता है या लाल सागर का उपयोग ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन में किया जाता है, तो वे भी इसमें शामिल होंगे। उनका कहना है कि यह आक्रामकता न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रही है।

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ट्रंप-पीएम मोदी कॉल में एलन मस्क क्यों शामिल हुए?

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी के बीच ईरान युद्ध पर हुई कॉल में एलन मस्क भी मौजूद थे। यह एक अनोखी स्थिति है क्योंकि आम तौर पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की वार्ता में किसी नागरिक को शामिल नहीं किया जाता।

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होर्मुज जलडमरूमध्य में मानवीय राहत कब तक सुरक्षित रहेगी?

संयुक्त राष्ट्र के अनुरोध पर ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से मानवीय सहायता की खेपों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। यह कदम तेल की वैश्विक आपूर्ति को थोड़ी स्थिरता प्रदान कर सकता है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है।

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बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य: क्या यातायात बाधित होगा?

यमन के हूथी विद्रोही बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण रखते हैं। यह समुद्री मार्ग यूरोप और एशिया के बीच व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हूथियों की घोषणा के बाद से वैश्विक समुद्री व्यापार में खतरों की चेतावनी बढ़ गई है।