Epstein Files Revealed: क्या एपस्टीन फाइल्स में छिपाए गए छह पावरफुल लोगों के नाम DOJ ने जानबूझकर हटाए? अरबपति और सुल्तान से जुड़े इस रहस्यमय नेटवर्क की हकीकत क्या है?
Epstein Files: हाल ही में रिप्रजेंटेटिव रो खन्ना और थॉमस मैसी ने एपस्टीन फाइल्स में छिपाए गए छह नामों का खुलासा किया है। इनमें अरबपति लेस्ली वेक्सनर और सुल्तान अहमद बिन सुलेयम जैसे लोग शामिल हैं। हालांकि इन पर कोई आरोप नहीं है, लेकिन इस खुलासे ने पब्लिक ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही की मांग को फिर से जोरदार बना दिया है।
खन्ना और मैसी का कहना है कि DOJ ने जानबूझकर इन नामों को हटाया, जो एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के नियमों के खिलाफ है। इन छह छिपाए गए नामों में सल्वाटोर नुआरा, ज़ुराब मिकेलाडेज़, लियोनिक लियोनोव, निकोला कैपुटो, सुल्तान अहमद बिन सुलेयम और अरबपति बिज़नेसमैन लेस्ली वेक्सनर शामिल हैं। सांसदों ने जोर देकर कहा कि फाइलों में नाम होने का मतलब किसी पर आरोप नहीं है, लेकिन यह सवाल उठता है कि कौन-कौन पावरफुल लोगों को बचा रहा था।

एपस्टीन से जुड़े कौन-कौन से पावरफुल लोग हैं?
एपस्टीन का नेटवर्क बहुत बड़ा था। इसमें एलन मस्क, बिल गेट्स, और प्रिंस एंड्रयू जैसे हाई-प्रोफाइल लोग भी शामिल रहे। ध्यान रहे, इन लोगों पर कोई आरोप नहीं हैं, लेकिन उनका सोशल और प्रोफेशनल कनेक्शन एपस्टीन के नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है। यह नेटवर्क दिखाता है कि कैसे असरदार लोग एपस्टीन के आसपास रहते हुए भी ट्रांसपेरेंसी और जवाबदेही से बच सकते थे।
एपस्टीन का नेटवर्क पावरफुल लोगों को कैसे प्रभावित करता रहा?
एपस्टीन ने सिर्फ पॉलिटिक्स और बिज़नेस के लोगों के साथ दोस्ती नहीं की, बल्कि इन रिश्तों के जरिए वह सलाह, इंट्रोडक्शन, और मीडिया में नैरेटिव को शेप करने में सक्षम रहा। 2008 में जेल जाने के बाद भी एपस्टीन कई पावरफुल लोगों से मिला। इससे सवाल उठता है कि क्या न्याय और जवाबदेही प्रभावित हुई या कोई बच गया?

एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट क्या कहता है?
यह एक्ट कहता है कि एपस्टीन की जांच से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स पब्लिक होने चाहिए, ताकतवर लोग बच न सकें और सही जवाबदेही आए। लेकिन हाल के खुलासे में देखा गया कि DOJ ने कुछ नाम छुपा दिए। खन्ना और मैसी का कहना है कि ये छह लोग एपस्टीन से जुड़े संभावित सह-साजिशकर्ता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस (DOJ) ने जानबूझकर इन नामों को हटाया। खन्ना ने कहा, “अगर हमें दो घंटे में छह नाम मिल गए जिन्हें वे छुपा रहे थे, तो सोचिए कि 3 मिलियन पेज में कितने लोग छिपे होंगे।”

क्या DOJ ने सच में फाइल्स में कटौती की?
खन्ना और मैसी का कहना है कि DOJ ने महिलाओं और पावरफुल लोगों के नाम हटाए, जबकि कानून में ऐसा करने की इजाज़त नहीं है। अभी भी कांग्रेस में बहस चल रही है कि क्या पूरे रिपोर्ट बिना कटौती के पब्लिक किए जाने चाहिए। DOJ का कहना है कि किसी खास व्यक्ति को बचाया नहीं गया।


