Kanpur Kidney Racket: नोटों की गड्डियों पर लेटा 'डॉक्टर' अफजल, वायरल वीडियो ने मचाया बवाल
कानपुर पुलिस ने अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने 6 लाख का वादा कर कम पैसे दिए, जिससे पूरा मामला खुल गया। इसमें फर्जी डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपी डॉक्टर का वीडियो वायरल।

बड़े किडनी रैकेट का भंडाफोड़
उत्तर प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां कानपुर पुलिस ने 31 मार्च को एक बड़े अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ कर छह लोगों को गिरफ्तार किया। गैंग पर बिना इजाजत ट्रांसप्लांट करने का आरोप है। डोनर और गैंग के सदस्यों के बीच पैसों को लेकर हुए विवाद के बाद यह मामला सामने आया। अब इस केस में शामिल कथित फर्जी 'डॉक्टर' का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
नोटों की गड्डियों के बिस्तर पर लेटा यह शख्स कानपुर किडनी ट्रांसप्लांट कांड का फरार आरोपी डॉ. अफजल अपने ड्राइवर परवेज सैफी के साथ। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है।#AhujaHospital#Kanpur#DrAfzal#KidneyScam#ViralVideopic.twitter.com/1k3rRk3ie0
— ilyas khan (@ilyasilukhan) April 5, 2026
टेलीग्राम के जरिए हुई थी डील
पुलिस ने बताया कि यह रैकेट डोनर खोजने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था। मेरठ के एक अस्पताल से जुड़े डॉ. अफजल नाम के शख्स ने टेलीग्राम ग्रुप पर डिमांड पोस्ट की थी। देहरादून में पढ़ रहे बिहार के एक युवक आयुष ने 6 लाख रुपए के वादे पर अपनी किडनी डोनेट करने के लिए हामी भर दी। हालांकि, उसे सिर्फ 3.5 लाख रुपए ही दिए गए। पैसों के इसी विवाद ने पुलिस को पूरे रैकेट तक पहुंचा दिया।
अस्पतालों और आरोपियों की भूमिका
जांच के दौरान मेरठ के अल्फा अस्पताल से लिंक सामने आए। पुलिस ने बताया कि इसमें कई कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। कानपुर में पुलिस ने आहूजा अस्पताल के डॉ. सुरजीत सिंह, उनकी पत्नी प्रीति आहूजा और अन्य को गिरफ्तार किया। प्रीति आहूजा कानपुर IMA की उपाध्यक्ष भी थीं। शिवम नाम के एक एम्बुलेंस ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, वह लोगों को धोखा देने के लिए डॉक्टर होने का नाटक करता था। गाजियाबाद के दो ओटी टेक्नीशियन कुलदीप और राजेश को भी पकड़ा गया।
फर्जी डॉक्टर का चौंकाने वाला खुलासा
मुदस्सिर अली नाम के एक शख्स के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। पुलिस को पहले लगा कि वह एक डॉक्टर है जिसने सर्जरी की थी। हालांकि, जब अधिकारी उसके घर गए, तो उसकी पत्नी ने बताया कि वह डॉक्टर नहीं बल्कि एक ओटी टेक्नीशियन है। इससे इस बात पर गंभीर सवाल खड़े हो गए कि ऐसी सर्जरी कैसे की जाती थीं।
वायरल वीडियो ने विवाद और बढ़ाया
डॉ. अफजल का एक वीडियो भी ऑनलाइन सामने आया है। इस क्लिप में वह नोटों की गड्डियों वाले बिस्तर पर लेटा हुआ और वीडियो बनाता दिख रहा है। वीडियो में एक और शख्स भी नजर आ रहा है। इस क्लिप को लेकर काफी चर्चा और गुस्सा है।
नोटों से सजे बिस्तर पर वीडियो बना रहा यह व्यक्ति फरार डॉ. अफजल है। यह कानपुर में किडनी रैकेट चला रहा था। इसका मेरठ में हॉस्पिटल भी है। अभी तक 6 लोग जेल जा चुके हैं। पुलिस का दावा है कि गैंग पैसे लेकर किडनी ट्रांसप्लांट करती थी। pic.twitter.com/XmpwBZTvve
— Arvind Sharma (@sarviind) April 6, 2026
#Uttarpradesh#Kanpur | Police raided six hospitals and busted a kidney transplant gang. A kidney was purchased from an MBA student for ₹6 lakh and sold for ₹80 lakh. Seven or eight transplants have been uncovered so far.
1/2 pic.twitter.com/VvKeCyFuVr— Siraj Noorani (@sirajnoorani) March 31, 2026
स्वास्थ्य विभाग ने उठाया कदम
मेरठ के स्वास्थ्य विभाग ने अल्फा अस्पताल को नोटिस जारी किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने तीन दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में एक फिजियोथेरेपिस्ट और डॉक्टरों सहित कई कर्मचारियों के नाम हैं। हालांकि, अस्पताल मैनेजमेंट ने सभी आरोपों से इनकार किया है। मैनेजर ने कहा कि अफजल नाम का कोई डॉक्टर वहां काम नहीं करता और इन आरोपों को झूठा बताया।
पीड़ितों को इलाज के लिए शिफ्ट किया गया
किडनी लेने वाली पारुल तोमर और डोनर आयुष, दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। पुलिस अब अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच कर रही है और रैकेट के सभी तारों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।