मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने भारत जाने वाले दो LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने की अनुमति दे दी है। सऊदी ऑयल टैंकर भी जल्द भारत पहुंच सकता है। ईरान के राजदूत ने कहा कि भारत दोस्त है और उसे सुरक्षित समुद्री रास्ता मिल सकता है।
नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक ईरान ने दो LPG टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के रास्ते भारत जाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण भारत समेत कई देशों में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई थी।
भारत की ऊर्जा सप्लाई को मिल सकती है राहत
सूत्रों और लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, सऊदी अरब का कार्गो लेकर चल रहा एक क्रूड ऑयल टैंकर भी जल्द भारत पहुंचने वाला है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह टैंकर 1 मार्च के आसपास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर चुका है और शनिवार तक भारत पहुंच सकता है। इस आवाजाही से भारत में ऊर्जा सप्लाई को लेकर बनी चिंता कुछ हद तक कम हो सकती है।
ईरान के राजदूत का बयान
यह जानकारी उस समय सामने आई है जब भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने साफ संकेत दिया कि भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत को इस समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जाएगी, तो उन्होंने कहा- हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप इसे दो या तीन घंटों के भीतर देख लेंगे। हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत के हित एक जैसे हैं। उनके इस बयान को भारत और ईरान के बीच मजबूत रिश्तों का संकेत माना जा रहा है।
भारतीय जहाजों को अनुमति पर ईरानी प्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भी भारतीय जहाजों को अनुमति देने के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर कुछ चर्चाएँ हुई हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि भारत को तेल, गैस और अन्य संसाधनों की आपूर्ति में फायदा होगा।
वैश्विक नेताओं से युद्ध रोकने की अपील
डॉ. इलाही ने वैश्विक नेताओं से भी युद्ध रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया के नेताओं को एक साथ आकर इस संघर्ष को खत्म करने के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “दुनिया के नेताओं को अमेरिका जाकर राष्ट्रपति ट्रंप को समझाना चाहिए कि यह युद्ध आम नागरिकों के खिलाफ एक अन्यायपूर्ण युद्ध है और इसे रुकना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि जायोनी शासन पर भी युद्ध रोकने के लिए दबाव डाला जाना चाहिए।
“हमने युद्ध शुरू नहीं किया”
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की है। हम अपनी जमीन और सम्मान की रक्षा के लिए खून बहाने को तैयार हैं, लेकिन अपनी गरिमा बेचने को तैयार नहीं हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य की रणनीतिक अहमियत
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इस संकरे समुद्री रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। यही कारण है कि इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही में किसी भी तरह की रुकावट से भारत सहित कई ऊर्जा आयात करने वाले देशों में चिंता बढ़ जाती है।


