कैलिफोर्निया में हिट-एंड-रन के बाद 14 महीने कोमा में रहीं भारतीय महिला नीलम शिंदे का निधन हो गया। उनकी इच्छा के अनुसार अंग दान किए गए। उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल को अमेरिका में ही हिंदू रीति-रिवाजों से होगा।
कैलिफोर्निया: अमेरिका में एक गाड़ी की टक्कर के बाद पिछले 14 महीनों से कोमा में रहीं एक भारतीय महिला की मौत हो गई है। 35 साल की नीलम तानाजी शिंदे महाराष्ट्र के सतारा के पास वडगांव की रहने वाली थीं। यह हादसा 14 फरवरी 2023 को कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में हुआ था। टक्कर मारने वाली गाड़ी मौके से भाग गई थी। कई सर्जरी के बावजूद, नीलम ने पिछले 14 महीनों में एक बार भी अपनी आंखें नहीं खोलीं।
नीलम की मौत के बाद उनके अंग दान कर दिए गए। परिवार को उम्मीद थी कि नीलम एक दिन ठीक होकर वापस आएंगी, लेकिन 14 महीने के लंबे इंतजार के बाद आई मौत की खबर ने उन्हें तोड़कर रख दिया है। हादसे में नीलम के सिर, पैरों, हाथों और सीने में गंभीर चोटें आई थीं। इलाज के दौरान भी मुश्किलें कम नहीं हुईं, जैसे कि खाना देने वाली ट्यूब में इन्फेक्शन हो गया था। डॉक्टर उनकी जान बचाने और उन्हें होश में लाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। लेकिन 28 मार्च को उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत और खराब होती चली गई।
हादसे की खबर सुनकर जब नीलम के पिता आनंद शिंदे अपनी बेटी से मिलने अमेरिका जाना चाहते थे, तो मुंबई में अमेरिकी कॉन्सुलेट ने उन्हें वीजा देने से मना कर दिया था। यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आने के बाद उन्हें वीजा दिया गया। बेटी के साथ हुए हादसे का सदमा नीलम की मां बर्दाश्त नहीं कर पाईं और कुछ समय बाद उनकी भी मौत हो गई। अब नीलम की मौत के बाद पिता आनंद शिंदे बिल्कुल अकेले रह गए हैं।
नीलम ने जिंदा रहते हुए ही अंगदान के लिए सहमति पत्र पर दस्तखत कर दिए थे। इसी वजह से उनकी मौत के बाद उनके अंग दान किए गए। उनका अंतिम संस्कार 8 अप्रैल को दोपहर 1 बजे अमेरिका में ही हिंदू रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा।
