ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर बड़ी खबर आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल के एक हमले में बुरी तरह घायल होने के बाद वह कोमा में चले गए हैं।
तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिकी-इजरायली हमले में बुरी तरह घायल होने के बाद कोमा में चले गए हैं। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज कोम शहर में चल रहा है। अमेरिकी और इजरायली सूत्रों का कहना है कि इस हालत में वह कोई भी प्रशासनिक फैसला लेने में सक्षम नहीं हैं।
बताया जा रहा है कि मोजतबा 28 फरवरी को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी हमले में उनके पिता खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं की मौत हो गई थी। सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक तौर पर कहीं नजर नहीं आए थे। अब पहली बार यह जानकारी सामने आई है कि वह दक्षिणी तेहरान से 140 किलोमीटर दूर कोम शहर में अपना इलाज करा रहे हैं।
खामेनेई परिवार के अंतिम संस्कार की तैयारी
28 फरवरी के हमले में मारे गए खामेनेई और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया गया है। अब पवित्र शहर कोम में एक बड़ी कब्र बनाने की तैयारी चल रही है। अमेरिकी-इजरायली खुफिया एजेंसियों ने पता लगाया है कि खामेनेई के बगल में ही परिवार के दूसरे लोगों को भी दफनाया जाएगा।
पनामा नहर के पास तेल प्लांट में धमाका
पनामा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पनामा शहर में 'ब्रिज ऑफ द अमेरिका' के पास बालोआ तेल स्टोरेज प्लांट में मंगलवार को एक बड़ा धमाका हुआ। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, दो कर्मचारी घायल हो गए और एक व्यक्ति लापता है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि धमाके की गर्मी से 1,654 मीटर लंबे पुल को कोई नुकसान तो नहीं हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि पनामा नहर के कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
पनामा नहर दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग रूट्स में से एक है, जो एशिया से अमेरिका तक माल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती है। ईरान के साथ तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से हाल ही में पनामा नहर से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या काफी बढ़ गई थी। इसी बीच यह धमाका हुआ है, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेहरान/इस्तांबुल: होर्मुज पर से पाबंदी हटाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दी गई डेडलाइन मंगलवार को खत्म होने से पहले ही सोमवार को बड़े हमले और जवाबी हमले हुए।
खार्ग द्वीप पर हमला: ईरान के कुल तेल एक्सपोर्ट का लगभग 90% खार्ग द्वीप से ही मैनेज होता है। यह होर्मुज जलडमरूमध्य के भी करीब है। ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज को नहीं खोला गया तो खार्ग पर हमला किया जाएगा। अब ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया है कि द्वीप पर कई बड़े धमाके हुए हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
तेहरान का पुल तबाह: अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल ने एक जॉइंट ऑपरेशन में तेहरान और करज के बीच बने अहम 'B1' पुल को तबाह कर दिया था। इस हमले में 8 लोगों की मौत हुई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अब मध्य ईरान में एक और पुल पर हमला किया गया है।
इस्तांबुल में इजरायली दूतावास के बाहर हमला
इस्तांबुल में इजरायली दूतावास के बाहर भारी गोलीबारी हुई है। तीन हमलावर राइफल लेकर आए और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर मारा गया, जबकि दो घायल हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना में दो पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं। हमले के वक्त दूतावास में कोई इजरायली स्टाफ मौजूद नहीं था।


