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India-US Trade Deal: एग्री सेक्टर में मोदी सरकार ने दी कितनी खुली छूट? ट्रंप के सहयोगी से सुनें
India US Trade Deal: क्या भारत अमेरिका के साथ नई ट्रेड डील में अपनी कृषि सुरक्षा खो देगा या संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करेगा? पेड़ के मेवे, डेयरी और फल-सब्जियों पर टैरिफ कट क्या भारतीय किसानों को सुरक्षित रख पाएगी?

Indian Agriculture Security: भारत और अमेरिका के बीच नया ट्रेड डील चर्चा में है। इस डील के तहत भारत अमेरिका को अपने कृषि उत्पादों तक सीमित पहुंच देगा, लेकिन मुख्य सुरक्षा उपायों को बरकरार रखेगा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि भारत अपने संवेदनशील कृषि क्षेत्रों, जैसे डेयरी, चावल और आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) खाद्य पदार्थों पर सुरक्षा बनाए रखेगा।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी भरोसा दिलाया कि इस समझौते में भारत ने अपने कृषि और डेयरी क्षेत्रों की पूरी तरह से सुरक्षा की योजना बनाई है। भारत और अमेरिका की ट्रेड डील में कई उत्पादों के टैरिफ में कमी होगी, जैसे पेड़ के मेवे, शराब, फल और सब्जियां। ग्रीर ने इसे अमेरिकी किसानों के लिए “बड़ी जीत” बताया।
US Trade Rep Jamieson Greer himself confirms: India retains key protections in agriculture & dairy under the new US-India trade deal. Tariffs on fruits, nuts etc. drop to zero, but sensitive sectors stay safeguarded!
Opposition crying 'farmer betrayal' is pure politics.
Who… pic.twitter.com/ijLcefYkeH— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) February 3, 2026
कृषि आयात में भारत की मुख्य चिंताएं क्या हैं?
भारत की प्राथमिक चिंता यह है कि संवेदनशील कृषि उत्पाद, जैसे डेयरी, चावल और जीएम फूड्स, विदेशी सस्ते उत्पादों से प्रभावित न हों। यह लाखों किसानों की आजीविका से जुड़ा है। सरकार घरेलू उत्पादकों के लिए खाद्य सुरक्षा और कीमतों की स्थिरता बनाए रखना चाहती है।
भारत और अमेरिका का कृषि क्षेत्र कितना अलग है?
भारत में कृषि छोटे किसानों पर आधारित है, जहाँ 700 मिलियन से अधिक लोग कृषि पर निर्भर हैं। वहीं अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेटाइज्ड और मशीनीकृत है। इसलिए भारत किसान कल्याण और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, जबकि अमेरिका अपने कृषि निर्यात के लिए बड़े बाजार चाहता है।
ट्रेड डील से अमेरिकी किसानों को क्या फायदा होगा?
इस डील के बाद अमेरिकी किसानों को भारतीय बाजार में पेड़ के मेवे, फल और सब्जियों के लिए आसान पहुंच मिलेगी। इससे उनके उत्पादों की कीमतें बढ़ेंगी और बड़े ग्राहक मिलेंगे। हालांकि, चावल, बीफ़, डेयरी और अन्य संवेदनशील उत्पाद भारत ने पूरी तरह सुरक्षित रखे हैं।
500 बिलियन डॉलर के ऑर्डर: भारत अमेरिका से क्या खरीदेगा?
सूत्रों के अनुसार, अगले पांच साल में भारत अमेरिका से 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर के उत्पाद खरीदेगा। इसमें तेल, गैस, उन्नत चिप्स, डेटा सेंटर तकनीक, कीमती धातुएं, रत्न और हवाई जहाज शामिल हैं। अकेले एविएशन सेक्टर में ही 100 बिलियन डॉलर के ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। इस डील के साथ भारत ने यह संदेश दिया है कि किसानों और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा उसके लिए सबसे अहम है, लेकिन अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों को भी मजबूत रखा जाएगा।
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