मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में मध्यप्रदेश में एआई इकोसिस्टम, डेटा सेंटर, स्टार्टअप सपोर्ट और हेल्थ सेक्टर में एआई उपयोग की रूपरेखा पेश की। वैश्विक कंपनियों से साझेदारी और तीन बड़े एमओयू पर सहमति बनी।
दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में हिस्सा लिया। भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया संवाद के दौरान उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य और उसके उपयोग पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एआई के उपयोग को लेकर निर्भय होकर देशहित में काम करने का आह्वान किया है। राज्य सरकार सभी चुनौतियों का सामना करते हुए प्रदेश की समृद्धि के लिए तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से प्रगति कर रहा है और मध्यप्रदेश भी इसमें अहम भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से समय पर बीमारियों की पहचान, सही इलाज और दूर-दराज के इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है।
MP AI Mission: मध्यप्रदेश में एआई ईको सिस्टम की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में AI का एक मजबूत और पूर्ण ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसके पांच मुख्य स्तंभ होंगे:
- कंप्यूटर इंफ्रास्ट्रक्चर: साझा जीपीयू और आधुनिक डेटा सेंटर की स्थापना।
- टैलेंट डेवलपमेंट: कॉलेजों में एआई की पढ़ाई, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन और कौशल विकास।
- स्टार्टअप सपोर्ट: फंडिंग, मेंटरशिप और इन्क्यूबेशन सुविधाएं।
- इंडस्ट्री उपयोग: उद्योगों में एआई अपनाने के लिए प्रोत्साहन।
- रिसर्च एंड इनोवेशन: इंडस्ट्री से जुड़े रिसर्च सेंटर और नवाचार को बढ़ावा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य केवल एआई का उपयोग ही नहीं करेगा, बल्कि एआई विकसित करने की क्षमता भी बनाएगा।
AI Data Center in Madhya Pradesh: निवेश और लैंड बैंक का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और यहां पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। इसी को ध्यान में रखते हुए एआई आधारित बड़े डेटा सेंटर की स्थापना की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए बड़े निवेशकों और कंपनियों को आमंत्रित किया गया है।
Global Tech Companies Meet: वैश्विक कंपनियों से वन-टू-वन संवाद
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अग्रणी वैश्विक टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
- NVIDIA की उपाध्यक्ष कैलिस्टा रेडमंड से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप, स्टार्टअप्स को सब्सिडी दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने और सॉवरेन एआई पर चर्चा हुई।
- जेनस्पार्क एआई के ब्रेनो मेलो से राज्य में तकनीकी समाधान और पायलट प्रोग्राम शुरू करने पर बातचीत हुई।
- Sarvam AI के सह-संस्थापक डॉ. प्रत्युष कुमार से फुल-स्टैक सॉवरेन एआई मॉडल और डेवलपर ईको सिस्टम पर चर्चा की गई।
- के-जन एआई की श्रुति वर्मा से विश्वविद्यालयों में एआई क्षमता निर्माण, गेम डेवलपमेंट और इंदौर में स्टूडियो स्थापना पर विचार हुआ।
- Google Play के निदेशक कुणाल सोनी से गेमिंग स्टार्टअप्स, एआई स्किलिंग, प्रशिक्षण और इवेंट आयोजन पर चर्चा की गई।
- Submer Technologies के अध्यक्ष देव त्यागी से ऊर्जा-कुशल डेटा सेंटर और इमर्शन कूलिंग तकनीक पर बातचीत हुई।
- Inviscid AI के कपिल जैन से डिजिटल ट्विन, ऊर्जा प्रबंधन और डेटा सेंटर उन्नयन पर चर्चा की गई।
MoU for AI Infrastructure: तीन रणनीतिक समझौते
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से तीन अहम एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
- जेनस्पार्क एआई के साथ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और गवर्नेंस समाधान पर सहमति।
- इनविसिड एआई के साथ डिजिटल ट्विन तकनीक की तैनाती।
- सर्वम एआई के साथ सॉवरेन एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई-सक्षम सेवाओं का विकास।
इसके अलावा सबमर टेक्नोलॉजीज को ऊर्जा-कुशल और एआई-तत्पर डेटा सेंटर विकसित करने के लिए आशय पत्र जारी किया गया।
Google Pavilion Visit: पर्यटन और एआर-वीआर तकनीक पर फोकस
मुख्यमंत्री ने गूगल पवेलियन का भी दौरा किया। यहां एआई, एआर और वीआर तकनीकों के माध्यम से मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
MP Pavilion Showcase: नवाचार और स्टार्टअप प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश पवेलियन का अवलोकन कर विभिन्न संस्थानों और स्टार्टअप्स द्वारा विकसित अत्याधुनिक एआई समाधान देखे।


