Donald Trump Washington Hilton Firing: 45 साल पहले जिस वॉशिंगटन हिल्टन होटल में रोनाल्ड रीगन पर गोली चली थी, उसी जगह ट्रंप के इवेंट के दौरान फिर फायरिंग की आवाज गूंजी। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत ट्रंप को सुरक्षित निकाला। जानिए पूरी घटना।
वॉशिंगटन का वही होटल, वही सत्ता का केंद्र और फिर अचानक गोलियों की आवाज। 45 साल पहले जिस वॉशिंगटन हिल्टन होटल में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था, शनिवार रात उसी जगह एक बार फिर दहशत का मंजर देखने को मिला।
इस बार मौके पर मौजूद थे अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। व्हाइट हाउस संवाददाताओं के रात्रिभोज के दौरान अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिससे पूरे बॉलरूम में अफरा-तफरी मच गई। सीक्रेट सर्विस ने तुरंत ट्रंप को घेर लिया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं। लेकिन इस घटना ने 30 मार्च 1981 की वह भयावह रात फिर से लोगों की यादों में ताजा कर दी, जब इसी होटल में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को गोली लगी थी।
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1981: जब रीगन पर चली थीं 6 गोलियां
वॉशिंगटन हिल्टन होटल अमेरिकी राजनीतिक इतिहास के सबसे संवेदनशील स्थानों में गिना जाता है। 30 मार्च 1981 को तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन यहां एक कार्यक्रम से निकल रहे थे, तभी जॉन हिंकली जूनियर नामक हमलावर ने कुछ ही सेकंड में छह गोलियां चला दीं। इनमें से एक गोली राष्ट्रपति की लिमोजीन से टकराकर उनके सीने में जा लगी। रीगन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके प्रेस सचिव जेम्स ब्रैडी, एक पुलिस अधिकारी और एक सीक्रेट सर्विस एजेंट भी इस हमले में घायल हुए थे।
सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने तत्काल रीगन को कार में बैठाया और जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी आपातकालीन सर्जरी हुई। डॉक्टरों की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण उनकी जान बच गई। हमलावर जॉन हिंकली जूनियर को घटनास्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में अदालत ने मानसिक अस्थिरता के आधार पर उसे दोषी नहीं ठहराया। इसी घटना के बाद स्थानीय लोग इस होटल को बोलचाल में “हिंकली हिल्टन” भी कहने लगे।
2026: उसी होटल में ट्रंप के कार्यक्रम के दौरान फायरिंग
शनिवार रात व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान वॉशिंगटन हिल्टन एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुख्य टेबल पर मौजूद थे। प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप भी कार्यक्रम में शामिल थीं। पत्रकार, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी और कैबिनेट सदस्य बड़ी संख्या में बॉलरूम में मौजूद थे। तभी अचानक गोलियों जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ सेकंड के भीतर पूरा माहौल बदल गया। मेहमान अपनी सीटों से उठकर छिपने लगे, हॉल में शोर मच गया और संगीत तुरंत बंद कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रंप कुछ पल के लिए चौंक गए, जबकि मेलानिया ट्रंप स्पष्ट रूप से घबराई हुई दिखाई दीं।
सीक्रेट सर्विस ने सेकंडों में संभाली स्थिति
फायरिंग की आवाज सुनते ही यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस के हथियारबंद एजेंट तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने ट्रंप को चारों ओर से घेर लिया और स्टेज के पीछे बने सुरक्षित रास्ते से बाहर ले गए। एजेंटों ने पूरे बॉलरूम, टेबलों और फर्श तक की तेजी से जांच की। वहां मौजूद मेहमानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ देर बाद संदिग्ध शूटर को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमला सीधे ट्रंप को निशाना बनाकर किया गया था या नहीं।
ट्रंप बोले, शो चलता रहना चाहिए
घटना के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने शानदार काम किया। ट्रंप ने लिखा कि शूटर को पकड़ लिया गया है और यह एक “काफी अच्छी शाम” रही। उन्होंने यह भी कहा-“शो चलता रहना चाहिए।” उनका यह बयान समर्थकों के बीच तेजी से वायरल हो गया और इसे उनके आत्मविश्वास की मिसाल बताया गया।
सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
वॉशिंगटन हिल्टन लंबे समय से व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन स्थल रहा है। लेकिन यह होटल आम मेहमानों के लिए भी आंशिक रूप से खुला रहता है। सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से बॉलरूम पर केंद्रित होती है, जबकि लॉबी और अन्य सार्वजनिक हिस्सों में सीमित स्क्रीनिंग होती है। यही कारण है कि कई बार विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी दिक्कतें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब राष्ट्रपति जैसे उच्च सुरक्षा वाले व्यक्ति कार्यक्रम में मौजूद हों, तब ऐसी खुली व्यवस्था बड़ा जोखिम बन सकती है।
इतिहास ने फिर दी चेतावनी
45 साल पहले रोनाल्ड रीगन पर हुआ हमला अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सबक था। अब उसी होटल में फिर गोलियों की आवाज सुनाई देना सिर्फ एक संयोग नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। हालांकि इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना याद दिलाती है कि सत्ता के सबसे सुरक्षित मंच भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते। वॉशिंगटन हिल्टन की यह रात सिर्फ एक सुरक्षा अलर्ट नहीं, बल्कि इतिहास के दो खौफनाक पलों का ऐसा जुड़ाव बन गई, जिसे अमेरिका लंबे समय तक याद रखेगा।
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