Hardoi School Principal Viral Video: हरदोई के न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल का अभिभावक को बार-बार ‘यू शट अप’ कहने वाला वीडियो वायरल हो गया। बाहर से किताब खरीदने पर बदसलूकी और बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी के आरोप लगे हैं।
New Sun Beam Public School Hardoi Viral Video: स्कूल को अक्सर बच्चों के भविष्य की पहली सीढ़ी माना जाता है, लेकिन जब वहीं अभिभावकों के सम्मान पर सवाल उठने लगें, तो मामला सिर्फ शिक्षा का नहीं, व्यवस्था का बन जाता है। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल पर अभिभावक से अभद्रता और धमकी देने के आरोप लगे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में स्कूल की प्रिंसिपल महिला अभिभावक को बार-बार “यू शट अप” कहते हुए सुनाई दे रही हैं। आरोप है कि यह विवाद सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि अभिभावक ने स्कूल के बाहर से कॉपी-किताब खरीद ली थी। अब इस मामले ने जिले में शिक्षा व्यवस्था, निजी स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
हरदोई शहर में एसपी तिराहे के पास स्थित न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल इस समय विवादों के केंद्र में है। पीड़ित अभिभावक नीलम वर्मा की बच्ची इसी स्कूल में यूकेजी की छात्रा है। नीलम वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने उनसे बदसलूकी की, क्योंकि उन्होंने स्कूल से कॉपी-किताब नहीं खरीदी। उनका कहना है कि जब उन्होंने बाहर से किताबें खरीदीं, तो प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल में बुलाकर अपमानित किया। वीडियो में कथित तौर पर प्रिंसिपल को अंग्रेजी में “ब्लडी फूल”, “शट अप” और “गंवार” जैसे शब्द बोलते हुए सुना जा सकता है।
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एक मिनट में कई बार कहा ‘यू शट अप’
सबसे ज्यादा चर्चा उस हिस्से की हो रही है, जिसमें प्रिंसिपल लगभग एक मिनट के भीतर कई बार “यू शट अप” कहती नजर आती हैं। पीड़ित अभिभावक का आरोप है कि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और यहां तक कि उनकी बच्ची को स्कूल से निकाल देने की धमकी भी दी गई। यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा तेजी से बढ़ा है। कई लोगों ने इसे निजी स्कूलों की तानाशाही का उदाहरण बताया है।
डीएम से लगाई न्याय की गुहार
नीलम वर्मा ने हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से अपील की है कि स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अभिभावक का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल मनमानी नहीं कर सकते। यदि कोई अभिभावक अपनी सुविधा और बजट के अनुसार बाहर से किताब खरीदता है, तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
वायरल वीडियो पर बड़ी संख्या में लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने इस व्यवहार को अपमानजनक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। अंबुज शुक्ला नाम के एक यूजर ने लिखा कि “मां-बाप होना अभिशाप हो गया है। अभिभावक के साथ इस तरह की अभद्रता करने वाली प्रिंसिपल पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।” वहीं अवधेश मिश्रा ने लिखा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को हस्तक्षेप कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। लोगों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन जरूरी है, लेकिन सम्मान उससे भी ज्यादा जरूरी है।
प्रिंसिपल ममता मिश्रा की सफाई भी आई सामने
विवाद बढ़ने के बाद स्कूल की प्रिंसिपल ममता मिश्रा ने भी अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि अभिभावक फीस कम कराने का दबाव बना रहे थे और स्कूल में छात्रों तथा उनके बीच बार-बार आ रहे थे। उनके अनुसार, अभिभावक ने करीब तीन घंटे तक उनका समय लिया, जिससे वह नाराज हो गईं। प्रिंसिपल का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी को आहत करना नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में अभिभावक ने उनसे माफी मांगी थी। हालांकि, वायरल वीडियो के बाद लोगों के बीच इस सफाई को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
निजी स्कूलों की जवाबदेही पर फिर उठे सवाल
यह मामला केवल एक स्कूल या एक प्रिंसिपल तक सीमित नहीं है। यह उस बड़े सवाल की ओर इशारा करता है, जो लंबे समय से अभिभावकों के बीच मौजूद है, क्या निजी स्कूल किताबों, यूनिफॉर्म और फीस के नाम पर अपनी मनमानी कर रहे हैं?
पेरेंट्स का कहना है कि स्कूलों को शिक्षा के साथ संवेदनशीलता भी दिखानी चाहिए। अभिभावकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किसी भी संस्थान की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत का भी संकेत है। फिलहाल हरदोई का यह वीडियो पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
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नोट - यह खबर, वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है, एशियानेट हिंदी इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
