2 घंटे का सफर अब 30 मिनट में! ग्रेटर नोएडा-फरीदाबाद के बीच बन रहा नया लिंक
Greater Noida Faridabad Link Road: ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच बन रहा मंझावली पुल जल्द सफर को आसान करेगा। 4 लेन सड़क और यमुना पर नए ब्रिज के पूरा होते ही 2 घंटे का सफर घटकर लगभग 30 मिनट रह जाएगा। 37 साल से लंबित यह परियोजना अब अंतिम चरण में है।

Greater Noida–Faridabad लिंक रोड: 2 घंटे का सफर अब 30 मिनट में?
एनसीआर में रोज़ाना लाखों लोग एक शहर से दूसरे शहर काम, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में सफर करते हैं। लेकिन ट्रैफिक जाम इस रफ्तार को अक्सर थाम देता है। खासकर ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद जाने वालों के लिए यह सफर समय और धैर्य दोनों की परीक्षा बन जाता है। अब वर्षों से प्रतीक्षित मंझावली पुल के पूरा होने के साथ तस्वीर बदलने की उम्मीद जगी है।
अभी क्या है स्थिति?
फिलहाल ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद जाने के लिए लोगों को नोएडा, दिल्ली, कालिंदी कुंज या ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का सहारा लेना पड़ता है। सुबह और शाम के समय इस पूरे रूट पर भारी जाम लगता है। सामान्य दिनों में भी यह दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक समय लगता है, जबकि पीक ऑवर्स में यह समय दो घंटे से भी ऊपर चला जाता है।
मंझावली ब्रिज से सीधी कनेक्टिविटी
यमुना नदी पर बन रहा मंझावली पुल दोनों शहरों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगा। इसके साथ चार लेन सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है। अधिकारियों के अनुसार, पुल का निर्माण पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद की दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकेगी।
यह परियोजना सिर्फ यात्रा समय कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एनसीआर के यातायात दबाव को संतुलित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
1989 में रखी गई थी नींव
इस पुल का प्रस्ताव वर्ष 1989 में सामने आया था। उस समय तत्कालीन केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने इसकी आधारशिला रखी थी। हालांकि जमीन अधिग्रहण और प्रशासनिक अड़चनों के कारण परियोजना वर्षों तक अटकी रही।
साल 2014 में हरियाणा की ओर का हिस्सा बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उत्तर प्रदेश की ओर निर्माण लंबित था। अब यूपी सरकार की ओर से निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है और इसे जल्द पूरा करने की दिशा में काम जारी है।
कितनी लागत और क्या चुनौतियां?
परियोजना पर लगभग 66 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अब तक करीब 70 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष भूमि को लेकर किसानों के साथ बातचीत जारी है। प्रशासन का कहना है कि आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
किन-किन शहरों को होगा फायदा?
मंझावली पुल के चालू होने के बाद सिर्फ ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद ही नहीं, बल्कि नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम तक की आवाजाही भी आसान होगी। इससे औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और छोटे व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा। रोज़ाना हजारों कर्मचारी और व्यापारी इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
37 साल का इंतजार, अब उम्मीदें
करीब 37 वर्षों से लंबित यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। स्थानीय निवासियों के लिए यह किसी लंबे इंतजार के खत्म होने जैसा है।
यदि तय समयसीमा के भीतर निर्माण पूरा हो जाता है, तो यह एनसीआर की ट्रैफिक समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि यह पुल क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को कितनी गति देता है।
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