Bihar Double Murder cctv Video: बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में मामूली विवाद ने भयानक रूप ले लिया। सत्तू बेचने वाले दुकानदार ने पिकअप ड्राइवर पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला। घटना का CCTV वीडियो वायरल है।
Araria Murder Case: बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में गुरुवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। एक मामूली बहस ने देखते-देखते इतना खतरनाक रूप ले लिया कि कुछ ही मिनटों में दो लोगों की जान चली गई। पहले चाकू से हमला हुआ, फिर गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पीट-पीटकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सड़क पर आगजनी, अस्पताल में तोड़फोड़ और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तक की नौबत आ गई।
सत्तू बेचने वाले और पिकअप ड्राइवर के बीच हुआ विवाद
यह घटना फारबिसगंज के कृषि बाजार परिसर के गेट नंबर-2 के पास हुई। यहां सत्तू बेचने वाले दुकानदार रवि चौहान और पिकअप ड्राइवर नबी हुसैन के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई। कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान सत्तू बेचने वाले रवि चौहान ने कथित तौर पर चाकू निकालकर नबी हुसैन पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि पिकअप ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया
इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों के बीच झगड़ा और अचानक हुए हमले की झलक दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है।
लोग देखते रहे, किसी ने रोकने की कोशिश नहीं की
घटना के समय बाजार में कई लोग मौजूद थे। कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया, लेकिन किसी ने झगड़े को रोकने की कोशिश नहीं की। यह स्थिति समाज में बढ़ती संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े करती है, जहां लोग मदद करने के बजाय अक्सर तमाशबीन बनकर रह जाते हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पिकअप ड्राइवर अक्सर इस इलाके में आता था और दुकानदार के साथ बैठकर नशा करता था। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीट-पीटकर मार डाला
चाकूबाजी की घटना के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। मृतक के परिजन और आसपास के लोग गुस्से में आ गए। लोगों ने आरोपी रवि चौहान को पकड़ लिया और भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि कुछ ही देर में उसकी भी मौत हो गई। इस तरह एक छोटे से विवाद ने कुछ ही मिनटों में दो जिंदगियां खत्म कर दीं।
आगजनी और अस्पताल में तोड़फोड़
दोनों की मौत के बाद इलाके में गुस्सा और बढ़ गया। गुस्साई भीड़ ने सुभाष चौक पर आगजनी की और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके अलावा अनुमंडलीय अस्पताल में भी तोड़फोड़ की गई। स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लेने की कोशिश की। पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस छावनी में बदल दिया गया। अररिया के पुलिस अधीक्षक Jitendra Kumar ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी गई है।
कई गंभीर सवाल छोड़ गई यह घटना
फारबिसगंज की यह घटना कई बड़े सवाल खड़े करती है। एक छोटी सी बहस इतनी बड़ी हिंसा में कैसे बदल गई? भीड़ का गुस्सा इतना खतरनाक क्यों हो गया? और सबसे अहम, जब घटना हो रही थी तो किसी ने उसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की? नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, भीड़ का उन्माद और समाज की बढ़ती संवेदनहीनता—ये तीनों पहलू इस घटना के बाद चर्चा में हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इलाके में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
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