अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा दिया है कि ईरान के साथ सैन्य कार्रवाई चार हफ्तों में पूरी हो सकती है। इस बीच, अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान के साथ हिजबुल्लाह भी जंग में कूद पड़ा है।

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार इस बात पर कुछ साफ-साफ कहा है कि ईरान के साथ सैन्य संघर्ष कितने समय तक चल सकता है। उन्होंने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई लगभग चार हफ्ते तक चल सकती है। डेली मेल को दिए एक छोटे से टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने व्हाइट हाउस की भविष्य की योजनाओं के बारे में बात की। ट्रंप ने साफ कहा, "ईरान एक मजबूत देश है, लेकिन मुझे लगता है कि यह प्रक्रिया चार हफ्ते या उससे भी कम समय में पूरी की जा सकती है।"

राष्ट्रपति के इस बयान से पता चलता है कि अमेरिका का सैन्य अभियान कितना योजनाबद्ध है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक और इंटरव्यू में भी यही बात दोहराई। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका और इजरायल के हमले कब तक जारी रहेंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया कि उनका लक्ष्य चार से पांच हफ्ते का है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मिशन अमेरिका के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं होगा और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार जमा हैं। इन रिपोर्ट्स से साफ है कि आने वाले हफ्ते पश्चिम एशिया की राजनीति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

ईरान को मिला हिजबुल्लाह का साथ

इस बीच, खबर है कि अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों के बीच ईरान का साथ देने के लिए हिजबुल्लाह भी जंग में शामिल हो गया है। इजरायली सेना का कहना है कि लेबनान से मिसाइल हमला हुआ है। ईरानी मीडिया भी हिजबुल्लाह के शामिल होने की पुष्टि कर रहा है। IDF (इजरायली डिफेंस फोर्सेज) का आरोप है कि रविवार को हिजबुल्लाह ने लेबनान से इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं। पिछले एक साल में इजरायली हमलों से भारी संकट झेलने के बावजूद हिजबुल्लाह अब भी ईरान के साथ खड़ा है। हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हुए मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने इसे ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या का बदला बताया है। इजरायली सेना ने लेबनान में बेरूत समेत कई जगहों पर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है।

IDF ने एक बयान में कहा कि उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में सायरन बजने के बाद एयरफोर्स ने लेबनान से दागे गए एक हथियार को हवा में ही रोक दिया। स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के मुताबिक, कई प्रोजेक्टाइल खुले इलाकों में गिरे। इजरायल में किसी के हताहत होने या कोई नुकसान की खबर नहीं है। IDF के एक प्रवक्ता ने कहा कि पूरे लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए गए हैं। इजरायल ने पिछले कुछ दिनों में खुफिया और सार्वजनिक तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर ईरान के साथ युद्ध के बीच हिजबुल्लाह दखल देता है, तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।