वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस ने ट्रंप को निजी तौर पर ईरान पर हमले के लिए उकसाया। US-इजराइल स्ट्राइक में खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर जवाबी हमले किए और क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।
Iran vs Israel-USA War: पूरा मिडिल-ईस्ट इस वक्त युद्ध की आग में जल रहा है। अमेरिका-इजराइल के ज्वॉइंट ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब जंग और भीषण होने की आशंका है। इसी बीच, वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में युद्ध को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पिछले महीने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कई पर्सनल फोन कॉल किए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इन कॉल्स में उन्होंने ईरान पर हमले के लिए जोर दिया, जबकि पब्लिकली वे कूटनीतिक बातचीत का समर्थन कर रहे थे।
Public Statement vs Private Pressure: एयरस्पेस पर सऊदी रुख
जनवरी 2026 में मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि सऊदी अरब अपने एयरस्पेस या जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं होने देगा। उन्होंने यह भी कहा था कि सऊदी अरब ईरान की संप्रभुता का सम्मान करता है और वॉशिंगटन और तेहरान से बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाने की अपील की थी। लेकिन रिपोर्ट में दावा है कि निजी तौर पर उनका रुख अलग था।
ईरान पर पूरे हफ्ते बरसते रहेंगे बम!
शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमला किया। इस स्ट्राइक में ईरान की सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमला उस समय हुआ जब न्यूक्लियर बातचीत रुक गई थी और यह दावा किया गया था कि ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं। ट्रंप ने कहा कि भारी और सटीक बमबारी पूरे हफ्ते या जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी।
ईरान का पलटवार: UAE, Qatar और Saudi Arabia पर जवाबी हमले
हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए UAE के अबू धाबी और दुबई, कतर की राजधानी दोहा और सऊदी अरब के रियाद को निशाना बनाया। इन घटनाओं से मिडिल ईस्ट एक नए संघर्ष में फंसता दिख रहा है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह ईरान के खुलेआम और कायरतापूर्ण हमलों की कड़ी निंदा करता है। बयान में कहा गया कि इन हमलों को किसी भी बहाने से सही नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही यह भी दोहराया गया कि सऊदी अरब ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसका एयरस्पेस ईरान को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं होगा।
सऊदी अरब की खाड़ी देशों से बातचीत
Arab News की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमलों के बाद क्राउन प्रिंस ने कई क्षेत्रीय नेताओं से बात की। उन्होंने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान, बहरीन के किंग हमद बिन ईसा अल-खलीफा, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबाह और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से संपर्क किया। क्राउन प्रिंस ने एकजुटता जताते हुए कहा कि सऊदी अरब क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए अपने सभी संसाधन लगाने को तैयार है।
Revolutionary Guards Warning: बड़े हमले की धमकी
रविवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर “अब तक का सबसे बड़ा हमला” करने की धमकी दी। यह आठ महीनों में दूसरी बार है जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़ी बातचीत के दौरान हमला किया है। बता दें कि कई दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की मौत के बाद अलीरेजा अराफी को नया अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाया गया है।


