CM Mohan Yadav Vidisha Visit: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदिशा जिले के शमशाबाद में ₹163 करोड़ से ज्यादा के विकासकार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस दौरान जिला स्तरीय फिंगरप्रिंट लैब योजना शुरू की गई और कई सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा नदी परियोजना से विदिशा जिले को भी फायदा मिलेगा।

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज, 7 मार्च को विदिशा जिले के शमशाबाद में एक कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने जिले के विकास से जुड़े कई कामों की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने ₹163 करोड़ से ज्यादा लागत के अलग-अलग निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इस मौके पर जिला स्तर की फिंगरप्रिंट लैब योजना की भी शुरुआत की गई। साथ ही कई सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ भी दिया गया।

विदिशा जिले को भी केन-बेतवा नदी परियोजना का पूरा लाभ मिलेगा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचे। इसके लिए कई बड़ी सिंचाई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) परियोजना और अन्य आधुनिक सिंचाई योजनाओं से प्रदेश में सिंचाई का क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। पिछले दो साल में ही प्रदेश में सिंचाई का रकबा करीब 10 लाख हेक्टेयर बढ़ा है। अब मध्यप्रदेश में करीब 55 लाख हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हो रही है।

मध्यप्रदेश नदियों का मायका- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा जाता है। यहां से राजस्थान और उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों को भी पानी मिलता है। बिहार और गुजरात तक भी पानी पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने नदियों के पानी के सही इस्तेमाल और प्रबंधन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। लेकिन अब हमारी सरकार के प्रयासों से विदिशा जिले को भी केन-बेतवा नदी परियोजना का पूरा लाभ मिलेगा।

स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम 'नव्या' शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विदिशा से 'नव्या' नाम का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह योजना देश के 9 राज्यों के 27 जिलों में लागू की गई है। विदिशा मध्यप्रदेश का एकमात्र जिला है जो इस योजना में शामिल किया गया है। इस योजना के तहत 10वीं पास बहनों को अलग-अलग तरह के काम का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपना खुद का काम शुरू कर सकें और रोजगार पा सकें।

लाड़ली बहना योजना का पैसा धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1500 दे रही है और आने वाले समय में यह राशि धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी बनाए जा रहे हैं, जहां बच्चों को बेहतर और संपूर्ण शिक्षा दी जाएगी। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों के बच्चों को लैपटॉप, साइकिल, किताबें और ड्रेस भी दी जा रही हैं ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो।

उज्जैन की तरह विदिशा भी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गौमाता की देखभाल और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी-बड़ी गौशालाएं बनाई जा रही हैं। शमशाबाद में भी एक बड़ी आदर्श गौशाला बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने सरकारी गौशालाओं के लिए प्रति गाय मिलने वाली सहायता राशि 20 रुपए से बढ़ाकर 40 रुपए कर दी है। इसके अलावा राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति 25 गाय पालता है, तो उसे सरकार की ओर से 10 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शमशाबाद के लोगों ने उनका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे वे बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा जिला बुद्ध और बेतवा नदी की धारा से समृद्ध है। यह नगरी भगवान सूर्य को समर्पित मानी जाती है। उज्जैन की तरह ही विदिशा भी ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण शहर है।

मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं भी की

  • शमशाबाद नगर परिषद के विकास कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।
  • शमशाबाद में एक नया बिजली सब स्टेशन बनाया जाएगा, जिससे आसपास के कई गांवों को बिजली की सुविधा मिलेगी।
  • संजय सागर और सगढ़ सिंचाई परियोजनाओं का परीक्षण किया जाएगा और उसके आधार पर आगे विकास कार्य किए जाएंगे।