Bihar CM Nitish Kumar Last Day : बिहार में आज नीतीश कुमार युग समाप्त हो जाएगा। वह सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले एकमात्र नेता हैं। जो आखिरी कैबिनेट करेंगे। लेकिन सुशासन बाबू ने कुछ ऐसे फैसले किए हैं, जिन्हें बिहार की करोड़ों जनता शायद ही कभी भूल पाए।
बिहार में सबसे ज्यादा लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले नीतीश कुमार का आज आखिरी दिन है। कुछ देर बाद वह राज्यपाल को सीएम पद से इस्तीफा देंगे। इसके साथ ही बिहार में नीतीश युग की समाप्ति हो जाएगी। सुशासन बाबू कहे जाने वाले इस नेता के फैसले ने बिहार के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ढांचे पर गहरा प्रभाव डाला। खासकर शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बदलाव को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वैसे तो उन्होंने कई यादगार निर्णय लिए, लेकिन उन्होंने सीएम कार्यकाल के दौरान 10 ऐसे फैसले किए हैं, जिससे लोग उन्हें हमेशा याद रखेंगे।
1. शराबबंदी (Liquor Ban)
नीतीश कुमार का सबसे बड़ा और अहम फैसला है, बिहार में शराबबंदी करना। उन्होंने 2016 में पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की। उनके इस फैसले से सबसे ज्यादा खुश हैं महिलाएं, जिन्होंने महिलाओं और सामाजिक संगठनों की मांग पर लिया और इसका बड़ा सामाजिक प्रभाव पड़ा। उन्होंने बिहार में वह कर दिया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
2. सात निश्चय योजना
नीतीश कुमार का सबसे बड़ा फैसला या स्कीम है सात निश्चय योजना, जिसमें हर घर नल का जल, हर घर शौचालय, गली-नाली पक्कीकरण जैसी सुविधाओं पर जोर दिया गया। यह नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
3. महिलाओं को 50% आरक्षण
नीतीश कुमार का सबसे अहम फैसला है, राज्य की राजनीति में महिलाओं को 50% आरक्षण, यानि बिहार के पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीति में आईं। यह फैसला उनके लिए मास्टर स्ट्रोक बना, जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई।
4. जीविका दीदी
नीतीश कुमार ने अपने आखिरी विधानसभा चुनाव में इस योजना का ऐलान किया था। जीविका दीदियों के विस्तार से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया। इसके उनका आर्थिक और सामाजिक विकास हो रहा है।
5. महादलित आयोग की स्थापना
नीताश कुमार ने दलित समुदाय का दिल जीतने के लिए 2007 में महादलित आयोग की स्थापना की। जिसका उद्देश्य दलितों में सबसे गरीब और पिछड़ी जातियों का उत्थान करना था। इस फैसले को भी बिहार में काफी सराहा जा रहा है।
6. साइकिल और पोशाक योजना
नीतीश कुमार ने बेटियों के लिए शिक्षा में बढ़ावा देने के लिए स्कूल जाने वाली लड़कियों को साइकिल और पोशाक देने की योजना शुरू की गई। इस फैसले के कारण शहर से गांव तक की लड़कियों की संख्या स्कूल जाने के लिए बढ़ी। इसके साथ ही उन्होंने पोशाक योजना भी लेकर आए।
7. हर घर बिजली योजना
बिहार की गिनती अति पिछड़ा राज्य में होती थी, जहां कई ऐसे गांव थे जहां बिजली नहीं थीं। लेकिन नीतीश कुमार हर घर बिजली योजना लाकर लोगों के घरों को रोशन किया। इससे बिहार के ग्रामीण और जंगली इलाकों में बिजली पहुंचाई गई।
8 लोक शिकायत निवारण कानून
एक समय था जब बिहार में अफसर शाही हाबी थी, लोगों के काम बिना पैसे के नहीं होते थे। लेकिन नीतीश कुमार ने“लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम” लागू किया। जिससे तय समय में शिकायतों का समाधान संभव हुआ।
9.कानून व्यवस्था में सुधार
बिहार को बाहुबलियों का गढ़ और अपराध के लिए जाना जाता था। जहां माफियाओं का बोल बाला था। लेकिन नीतीश कुमार ने इनको समाप्त करने के लिए कानून व्यवस्था में सुधार किया और अपराध पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए, जिससे बिहार की छवि पूरे देश में सुधरी।
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