भोपाल में, 3 बेटों के हत्यारे ने 18 साल जेल के बाद उसे पनाह देने वाली महिला की हत्या की। बाद में उसने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। महिला उसे घर खाली करने को कह रही थी, जिससे वह नाराज था।

भोपाल: कहते हैं कि अपराधी की फितरत नहीं बदलती। भोपाल में हुई एक घटना इस बात को सच साबित करती है। यहां एक शख्स ने अपने ही तीन बेटों की हत्या के जुर्म में 18 साल जेल में काटे। जब वो बाहर आया तो एक महिला ने उसे सहारा दिया, लेकिन उसने उसी महिला की बेरहमी से हत्या कर दी। बाद में आरोपी ने खुद भी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह सनसनीखेज मामला मध्य प्रदेश के भोपाल के गौतम नगर इलाके का है। आरोपी का नाम प्रीतम कुशवाहा है। उसने 50 साल की दुर्गा नाम की महिला की हत्या की, जो उसकी दूर की रिश्तेदार भी थी। जेल से छूटने के बाद पिछले करीब एक साल से प्रीतम, दुर्गा के घर पर ही रह रहा था।

पुलिस ने बताया कि हत्या गौतम नगर में दुर्गा के बन रहे एक मकान में हुई। आरोपी प्रीतम कुशवाहा, दुर्गा को घर की सफाई के बहाने वहां ले गया। फिर उसने एक धारदार हथियार से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इससे उनके सीने और पेट पर कई गहरे घाव हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था, जो हत्या की वजह बना। पिछले छह महीने से दुर्गा आरोपी प्रीतम पर घर खाली करने का दबाव बना रही थीं, जिससे वह गुस्से में था।

अपने तीन बेटों को कुल्हाड़ी से काट डाला था

थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपी प्रीतम कुशवाहा कोई मामूली अपराधी नहीं था। वह तेंदूखेड़ा का रहने वाला है और उसने अपने ही तीन बेटों को कुल्हाड़ी से काट डाला था। इसी मामले में उसने 18 साल की जेल की सजा पूरी की थी। पिछले साल रिहा होने के बाद उसके गांव के लोगों ने उसका सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद दुर्गा ने ही कुशवाहा को भोपाल में अपने घर में पनाह दी थी।

यहां वह सब्जी का ठेला लगाकर अपना गुजारा कर रहा था। लेकिन हत्या से दो दिन पहले ही उसने अपना ठेला बेच दिया था। महिला की चाकू मारकर हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया था। बाद में उसकी लाश निशातपुरा इलाके में रेलवे ट्रैक पर मिली। पुलिस का कहना है कि उसने वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।