PM शहबाज शरीफ के अमेरिकी दौरे की सरकारी घोषणा में शर्मनाक गलतियां वायरल हुईं। "United States" को "Americas" लिखने और एक अन्य टाइपो के कारण सोशल मीडिया पर सरकार का जमकर मजाक उड़ा, जिससे दौरे का असली मकसद दब गया।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अमेरिका दौरे को लेकर जारी एक सरकारी ऐलान अचानक से वायरल हो गया। वजह थी इसमें की गईं कुछ शर्मनाक गलतियां, जिसके चलते सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर खिल्ली उड़ाई। जो एक सामान्य डिप्लोमेटिक जानकारी होनी चाहिए थी, वो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर एक मीम फेस्ट में बदल गई। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के सूचना विभाग ने शरीफ के अमेरिकी दौरे के बारे में एक बयान जारी किया। लोगों की नजर तुरंत एक बड़ी गलती पर पड़ी, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) को "Americas" लिखा गया था। इस गलती ने सरकारी कामकाज की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए।
लेकिन मामला तब और बिगड़ गया जब एक और गलती सामने आई। बयान में एक जगह "condemn" (निंदा करना) शब्द की जगह एक टाइपो था, जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने "condom" की तरह पढ़ा और इसका मजाक बनाना शुरू कर दिया।
इसके बाद तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स, चुटकुलों और sarcastic कमेंट्स की बाढ़ आ गई। यूजर्स ने इन दोनों गलतियों को सरकारी लापरवाही का नमूना बताया। बयान के स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हुए, जिससे सरकार की शर्मिंदगी और बढ़ गई और दौरे का असली मकसद पीछे छूट गया।
यह घटना दिखाती है कि डिजिटल युग में सरकारों पर कितना दबाव है, जहां एक छोटी सी टाइपिंग की गलती भी पब्लिक रिलेशन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। जानकारी तुरंत फैलने की वजह से ऐसी चूक तेजी से बड़ी बन जाती है और अक्सर असल मुद्दों से ध्यान भटका देती है।
इस ऑनलाइन हंगामे के बावजूद, शहबाज शरीफ का अमेरिका दौरा कूटनीतिक रूप से काफी अहम है। इसका मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और आपसी हितों के मुद्दों पर बात करना है। हालांकि, इस टाइपो विवाद ने यह जरूर साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आधिकारिक संदेशों में सटीकता कितनी जरूरी है। पाकिस्तान सरकार के लिए यह एक सबक की तरह है।
