Amit Shah Bastar Pandum: बस्तर पण्डुम 2026 के समापन समारोह में स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बच्चों की कला और अनुशासन से प्रभावित हुए और ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
कभी-कभी मंच पर प्रस्तुत एक छोटी-सी सांस्कृतिक झलक, पूरे माहौल को जीवंत कर देती है। कुछ ऐसा ही दृश्य संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 2026के समापन समारोह में देखने को मिला, जब स्कूली बच्चों की भावनाओं से भरी प्रस्तुति ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह भी उससे खासे प्रभावित नज़र आए। बच्चों की कला और अनुशासन देखकर उन्होंने खुले मन से ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
‘ऐसा जादू है मेरे बस्तर में’ गीत पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति
जगदलपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों स्कूली बच्चों ने केंद्रीय गृह मंत्री के स्वागत में “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत पर सामूहिक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। मंच पर उतरती हर लय, हर भाव और हर कदम में बस्तर की मिट्टी की खुशबू साफ झलक रही थी। बच्चों की अनुशासित, भावपूर्ण और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति ने पूरे पंडाल को तालियों से गूंजने पर मजबूर कर दिया।
प्रस्तुति के दौरान श्री अमित शाह बच्चों की ओर देखते हुए भावविभोर दिखाई दिए। कार्यक्रम समाप्त होते ही उन्होंने ताली बजाकर बच्चों का हौसला बढ़ाया, जो बच्चों के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं था।
यह भी पढ़ें: CG News: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अंतिम दौर में, रायपुर बैठक में अमित शाह का बड़ा दावा
मलखंभ प्रदर्शन ने भी लूटी वाहवाही
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा किया गया मलखंभ प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। संतुलन, साहस और शारीरिक दक्षता का शानदार उदाहरण पेश करती इस प्रस्तुति को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। केंद्रीय गृह मंत्री ने बच्चों की कला, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने भी की सराहना
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित मंचासीन अन्य अतिथियों ने भी स्कूली बच्चों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। सभी अतिथियों ने कहा कि ऐसी प्रस्तुतियां न केवल बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से प्रस्तुत करती हैं।
बस्तर की लोकभाषा और आधुनिक संगीत का सुंदर संगम
उल्लेखनीय है कि “ऐसा जादू है मेरे बस्तर में” गीत को हिंदी और हल्बी बोली में रचा गया है, जिससे इसकी जड़ें सीधे स्थानीय संस्कृति से जुड़ती हैं। इस गीत में बस्तर की बादल अकादमी के कलाकारों ने अपनी आवाज और संगीत का योगदान दिया है। वहीं, दायरा बैंड ने इसे आधुनिक संगीत के रंग में ढालकर एक नया स्वरूप दिया है। यही वजह है कि यह गीत आज युवाओं और बच्चों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
बच्चों की कला को मिला सम्मान, बस्तर की पहचान हुई और मजबूत
बस्तर पण्डुम के समापन समारोह में बच्चों की यह प्रस्तुति केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह बस्तर की लोकसंस्कृति, अनुशासन और नई पीढ़ी की प्रतिभा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन इस बात का संकेत है कि देश के शीर्ष नेतृत्व की नजर अब स्थानीय कला और सांस्कृतिक प्रतिभाओं पर भी गंभीरता से टिकी हुई है।
यह पल निश्चय ही उन बच्चों के लिए जीवनभर की प्रेरणा बनेगा और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
यह भी पढ़ें: Bastar Pandum 2026: अमित शाह ने देखी जनजातीय प्रदर्शनी, विजेताओं को दी बधाई
