सार

PM Modi ने गिर नेशनल पार्क में National Board for Wildlife की बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। Wildlife Conservation, Project Tiger, Cheetah Reintroduction, Asiatic Lions, और Human-Wildlife Conflict के समाधान पर जोर दिया गया।

 

World Wildlife Day 2025: पीएम नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सोमवार को गुजरात के गिर नेशनल पार्क (Gir National Park) का दौरा किया। पीएम ने राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife) की सातवीं बैठक की अध्यक्षता की। इस मीटिंग में सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के लिए किए गए विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की गई। बैठक में नई संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) की स्थापना और प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger), प्रोजेक्ट एलीफेंट (Project Elephant), प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड (Project Snow Leopard) जैसे प्रमुख कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।

देश में पहली बार हुई डॉल्फिन गणना, सामने आए अहम आंकड़े

पीएम ने देश में पहली बार किए गए रिवराइन डॉल्फिन एस्टीमेशन (Riverine Dolphin) की रिपोर्ट जारी की। इस गणना में कुल 6,327 डॉल्फिन पाई गईं। यह सर्वेक्षण 8 राज्यों की 28 नदियों में किया गया, जिसमें 3150 मैनडेज़ लगे और 8,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की गई। इसमें उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सबसे अधिक डॉल्फिन पाई गईं, इसके बाद बिहार (Bihar), पश्चिम बंगाल (West Bengal) और असम (Assam) का स्थान रहा। प्रधानमंत्री ने स्थानीय समुदायों को डॉल्फिन संरक्षण (Dolphin Conservation) से जोड़ने और स्कूली बच्चों के भ्रमण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

गिर में स्थापित होगा नेशनल रेफरल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ

प्रधानमंत्री ने जूनागढ़ (Junagadh) में नेशनल रेफरल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ (National Referral Centre for Wildlife) की आधारशिला रखी। यह केंद्र वन्यजीव स्वास्थ्य और रोग प्रबंधन (Wildlife Health and Disease Management) के समन्वय और संचालन का प्रमुख केंद्र होगा।

एशियाई शेरों की आबादी गणना का नया चरण 2025 में

पीएम मोदी ने घोषणा की कि एशियाई शेरों (Asiatic Lions) की 16वीं जनगणना (Lion Estimation) 2025 में की जाएगी। उन्होंने बताया कि एशियाई शेरों ने प्राकृतिक रूप से बर्दा वन्यजीव अभयारण्य (Barda Wildlife Sanctuary) को अपना नया निवास बनाया है। इस क्षेत्र में शेरों के संरक्षण के लिए शिकार की उपलब्धता (Prey Augmentation) और अन्य सुधार कार्य किए जाएंगे।

मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

पीएम मोदी ने कोयंबटूर (Coimbatore) में सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (SACON) परिसर में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Wildlife Institute of India) के तहत एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Centre of Excellence) स्थापित करने की घोषणा की। यह केंद्र मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) को कम करने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम (Rapid Response Teams) को आधुनिक तकनीक और ट्रैकिंग सिस्टम से लैस करेगा।

फॉरेस्ट फायर मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का होगा उपयोग

पीएम ने वनाग्नि निगरानी (Forest Fire Monitoring) और मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Animal Conflict) की चुनौतियों से निपटने के लिए रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing), जियोस्पेशियल मैपिंग (Geospatial Mapping), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और मशीन लर्निंग के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Wildlife Institute of India) को भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इनफॉर्मेटिक्स (BISAG-N) के साथ मिलकर इस दिशा में काम करने का सुझाव दिया।

भारत में नए क्षेत्रों में होगा चीता पुनर्वास

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गांधी सागर अभयारण्य (Gandhisagar Sanctuary) और गुजरात (Gujarat) के बन्नी ग्रासलैंड्स (Banni Grasslands) में चीता पुनर्वास (Cheetah Reintroduction) कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जाएगा।

नेशनल ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कंजर्वेशन एक्शन प्लान की घोषणा

प्रधानमंत्री ने संकटग्रस्त पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (Great Indian Bustard) के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (National Great Indian Bustard Conservation Action Plan) की घोषणा की। साथ ही, भारतीय स्लॉथ बियर (Indian Sloth Bear), घड़ियाल (Gharial) और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के संरक्षण के लिए अलग-अलग टास्क फोर्स बनाने का निर्देश दिया।

वन्यजीव संरक्षण में समुदायों की भूमिका पर जोर

प्रधानमंत्री ने सामुदायिक संरक्षण (Community Conservation) को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में देश में सामुदायिक अभयारण्यों (Community Reserves) की संख्या छह गुना बढ़ी है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही।

परंपरागत ज्ञान और वन्यजीव संरक्षण का दस्तावेजीकरण

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान (Traditional Knowledge) और पांडुलिपियों (Manuscripts) को संरक्षित किया जाए ताकि वे वन एवं वन्यजीव प्रबंधन (Forest and Wildlife Management) में उपयोगी साबित हों। उन्होंने गिर (Gir) को शेर और तेंदुए संरक्षण (Lion and Leopard Conservation) की सफलता की कहानी बताया और इस मॉडल को अन्य राष्ट्रीय उद्यानों (National Parks) और अभयारण्यों (Sanctuaries) में लागू करने की बात कही।

संयुक्त राष्ट्र के वन्यजीव संरक्षण समझौते में भारत की भागीदारी

प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण संधि (UN Convention on the Conservation of Migratory Species) के तहत समन्वय इकाई (Coordination Unit) में भारत की भूमिका बढ़ाने का सुझाव दिया।

मेडिसिनल प्लांट्स के शोध को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने वन क्षेत्रों में औषधीय पौधों (Medicinal Plants) पर शोध और दस्तावेजीकरण की बात कही। उन्होंने पशु स्वास्थ्य प्रबंधन (Animal Health Management) के लिए हर्बल चिकित्सा प्रणाली (Plant-based Medicine System) को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की संभावनाएं जताईं।

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