गुरुग्राम में टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा, पिता दीपक यादव ने गांव वालों के तानों और बेटी की आज़ादी की चाह से परेशान होकर मारी गोली। कोर्ट ने भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में।
Radhika Yadav Murder: टेनिस प्लेयर राधिका यादव हत्याकांड के आरोपी दीपक यादव को गुरुग्राम कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दीपक यादव, मृतका राधिका यादव के पिता हैं। उन पर ही हत्या का आरोप है। गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित सुशांत लोक इलाके में गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस दर्दनाक घटना के बाद शनिवार को आरोपी और राधिका के पिता दीपक यादव को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है।
बेटी की कमाई और चरित्र पर गांव वालों के ताने बने हत्या की वजह
पुलिस और खुद आरोपी के बयान के अनुसार, दीपक यादव मानसिक रूप से दबाव में थे। उन्हें गांव वालों से बार-बार यह ताना सुनना पड़ता था कि वो अपनी बेटी की कमाई पर जी रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग राधिका के कैरेक्टर को लेकर भी टिप्पणी करते थे। इसी सामाजिक दबाव के चलते उन्होंने राधिका से उसकी टेनिस एकेडमी बंद करने को कहा लेकिन जब राधिका ने इनकार किया तो गुस्से में आकर उन्होंने अपनी ही बेटी को गोली मार दी।
आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर था परिवार, फिर भी आया मानसिक दबाव
पुलिस का कहना है कि दीपक यादव के पास कई प्रॉपर्टी से मिलने वाली रेंटल इनकम थी और वे राधिका की कमाई पर निर्भर नहीं थे। लेकिन समाजिक टिप्पणियों और बेटी की आज़ादी को लेकर घर में चल रही अनबन ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया। गुरुग्राम पुलिस का कहना है कि दीपक यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किया जा चुका है।
राधिका की वॉट्सऐप चैट से खुली कई परतें
राधिका यादव और उनके कोच अजय यादव के बीच हुई वॉट्सऐप चैट में यह बात सामने आई है कि वह कुछ महीनों के लिए घर से दूर जाकर independent life जीना चाहती थीं। उन्होंने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में विदेश जाने की योजना बनाई थी।
- एक चैट में राधिका ने लिखा: चीन तो देखो खाना पीना की समस्या होगी, दुबई-आस्ट्रेलिया वगैरह ठीक है। दुबई में आप हो।
- दूसरे मैसेज में उन्होंने कहा: एक-दो महीने...कुछ भी मेरे को निकलना है इधर से थोड़े टाइम के लिए...
- और फिर एक मैसेज में लिखा: घरवाले तो ठीक हैं लेकिन थोड़ा टाइम रहना है स्वतंत्रता के साथ ताकि जिंदगी एन्जॉय कर सकूं, इधर काफी पाबंदियां हैं।
इन संदेशों से साफ है कि राधिका घरेलू बंदिशों से परेशान थीं और अपने करियर के साथ-साथ एक free life जीना चाहती थीं।
कहानी जिसने देश को झकझोर दिया
राधिका यादव जैसी state-level tennis player की अपने ही पिता के हाथों हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। एक ओर जहां बेटियां ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर घरेलू पितृसत्ता और सामाजिक दबाव आज भी बेटियों की आज़ादी को कुचल रहा है।