Who was Shivratan Agarwal Success Story: कौन थे शिवरतन अग्रवाल? जानिए कैसे 8वीं पास स्कूल ड्रॉपआउट ने बिकाजी फूड्स इंटरनेशनल (Bikaji Foods International) को 13,430 करोड़ रुपए की कंपनी बनाया। पढ़ें शिवरतन अग्रवाल की पूरी सक्सेस स्टोरी, बिजनेस जर्नी समेत रोचक बातें।
Shiv Ratan Agarwal Success Story: भारत के स्नैक्स मार्केट में बिकाजी सिर्फ एक ब्रांड नहीं, बल्कि भरोसे का नाम बन चुका है। लेकिन इस नाम के पीछे जिस शख्स की मेहनत और सोच थी, वो थे शिवरतन अग्रवाल। उनकी कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है। कम पढ़ाई, छोटे शहर की शुरुआत और फिर देश-विदेश में पहचान बनाने वाला बिजनेस। जानिए शिवरतन अग्रवाल कौन थे और उन्होंने कैसे खड़ा किया 13,430 करोड़ का साम्राज्य, पढ़ें शिवरतन अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी।
कौन थे शिवरतन अग्रवाल?
बीकानेर के एक साधारण परिवार में जन्मे शिवरतन अग्रवाल के पास न बड़ी डिग्री थी, न बड़े संसाधन। उन्होंने सिर्फ 8वीं तक पढ़ाई की, लेकिन उनके अंदर कुछ बड़ा करने की चाह हमेशा रही। बीकानेर वैसे भी भुजिया और नमकीन के लिए जाना जाता है और यहीं से उन्हें अपने बिजनेस का आइडिया मिला। पढ़ाई जल्दी छूटने के बाद उन्होंने परिवार के काम में हाथ बंटाना शुरू किया। यहीं से उन्हें समझ आया कि सिर्फ स्वाद ही काफी नहीं, उसे सही तरीके से लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है। उन्होंने देखा कि लोकल दुकानों तक सीमित ये स्वाद अगर पैक होकर बड़े बाजार में जाए, तो इसकी डिमांड और बढ़ सकती है।
शिवरतन अग्रवाल के छोटे स्टार्ट लेकिन बड़े विजन ने दिलाई सफलता
1986 में शिवरतन अग्रवाल ने छोटे लेवल पर स्टार्ट किया लेकिन उनका विजन बड़ा था। सबसे पहले उन्होंने “शिवदीप प्रोडक्ट्स” के नाम से अपना काम शुरू किया। शुरुआत में प्रोडक्शन छोटा था, लेकिन क्वालिटी पर पूरा ध्यान था। उनका मानना था, अगर स्वाद और भरोसा सही रहेगा, तो ग्राहक खुद जुड़ते जाएंगे।
“बिकाजी” ब्रांड ने बदली शिवरतन अग्रवाल की किस्मत
साल 1993 में शिवरतन अग्रवाल ने “Bikaji Foods International” ब्रांड लॉन्च किया। यही वो टर्निंग पॉइंट था, जहां से उनका बिजनेस तेजी से आगे बढ़ा। उन्होंने पारंपरिक बीकानेरी स्वाद को बरकरार रखा। मॉडर्न पैकेजिंग अपनाई। अपना डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत किया और क्वालिटी से कभी समझौता नहीं किया, जो उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बनी।
शिवरतन अग्रवाल के बिकाजी की शुरुआत भुजिया से लेकर ग्लोबल स्नैक ब्रांड तक
बिकाजी की शुरुआत भुजिया और नमकीन से हुई, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी ने मिठाइयों, रेडी-टू-ईट स्नैक्स और कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए। आज बिकाजी के प्रोडक्ट्स सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में भी बिकते हैं।
शिवरतन अग्रवाल ने कैसे खड़ा किया 13,430 करोड़ का साम्राज्य?
लगातार मेहनत, सही रणनीति और बदलते समय के साथ खुद को अपडेट रखने की वजह से कंपनी तेजी से बढ़ती गई। आज इसका मार्केट कैप करीब ₹13,430 करोड़ है, जो किसी भी एंटरप्रेन्योर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। परंपरा के साथ मॉडर्न सोच ही उनके सक्सेस की असली वजह रही। “बिकाजी” नाम भी उनकी जड़ों से जुड़ा है। यह नाम राव बीका से प्रेरित है, जो बीकानेर के संस्थापक थे। यानी शिवरतन अग्रवाल ने अपने ब्रांड में लोकल पहचान को बनाए रखा, लेकिन सोच पूरी तरह मॉडर्न रखी।
फोर्ब्स की बिलियनेयर्स लिस्ट में शामिल शिवरतन अग्रवाल की नेटवर्थ
शिवरतन अग्रवाल की मेहनत का ही नतीजा था कि 2024 में उनका नाम फोर्ब्स की बिलियनेयर्स लिस्ट में शामिल हुआ। यह दिखाता है कि एक छोटे शहर का कम पढ़ा लिखा इंसान भी ग्लोबल लेवल पर पहचान बना सकता है। फोर्ब्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ करीब ₹11,620 करोड़ रुपए है।
शिवरतन अग्रवाल का 23 अप्रैल को निधन
23 अप्रैल 2026 को शिवरतन अग्रवाल का निधन हो गया। उनके जाने से एक युग जरूर खत्म हुआ, लेकिन उनका बनाया “बिकाजी” ब्रांड आज भी उसी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। शिवरतन अग्रवाल की सक्सेस स्टोरी उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद है, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर इरादा पक्का हो, तो रास्ते खुद बन जाते हैं।


