Meta Layoffs 2026: AI पर फोकस बढ़ाते हुए Meta ने 8,000 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला कर लिया है। जानें मेटा में फिर से छंटनी क्यों हो रही है, आखिर क्या है कंपनी का नया प्लान।
Meta Layoffs Latest News: टेक दुनिया की दिग्गज कंपनी Meta एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह है उसकी नई छंटनी की योजना। कंपनी ने साफ कर दिया है कि वह अब अपने फोकस को तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की तरफ शिफ्ट कर रही है। इसी रणनीति के तहत करीब 10% वर्कफोर्स यानी लगभग 8,000 कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है, साथ ही 6,000 खाली पद भी खत्म कर दिए जाएंगे। यह कदम 20 मई से लागू होना शुरू होगा और इसे कंपनी के ऑपरेशन्स को ज्यादा “लीन और एफिशिएंट” बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
मेटा में क्यों हो रही है छंटनी? समझिए कंपनी की नई रणनीति
मार्क ज़ुकेरबर्ग (Mark Zuckerberg) की अगुवाई में कंपनी अब पूरी ताकत AI पर लगा रही है। अंदरूनी मैसेज के मुताबिक, कंपनी चाहती है कि कम संसाधनों में ज्यादा काम हो और जो पैसा बचाया जाए, उसे नई टेक्नोलॉजी, खासतौर पर जनरेटिव AI में लगाया जाए। आज AI सेक्टर में मुकाबला काफी तेज हो गया है। OpenAI, Google और Anthropic जैसी कंपनियां पहले से ही इस रेस में आगे निकलने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में Meta पीछे नहीं रहना चाहता।
मेटा कर रही AI पर अरबों डॉलर खर्च, भविष्य की बड़ी तैयारी
Meta का AI पर खर्च कोई छोटा कदम नहीं है। साल 2025 में कंपनी ने करीब 72.2 बिलियन डॉलर सिर्फ डेटा सेंटर्स और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किए। और संकेत मिल रहे हैं कि 2026 तक यह खर्च 115 बिलियन डॉलर से भी ऊपर जा सकता है। सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, कंपनी टैलेंट और AI स्टार्टअप्स में भी निवेश कर रही है ताकि वह “सुपरइंटेलिजेंस” जैसे बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सके।
मेटा कर्मचारी जिनकी नौकरी जाएगी, उन्हें क्या मिलेगा?
कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है। अमेरिका में काम करने वाले कर्मचारियों को 16 हफ्तों की सैलरी दी जाएगी, साथ ही हर साल की सेवा के हिसाब से अतिरिक्त दो हफ्तों का भुगतान भी मिलेगा। दूसरे देशों में भी पैकेज लगभग इसी तरह का होगा, हालांकि उसमें कुछ स्थानीय बदलाव हो सकते हैं। कंपनी का यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब कंपनी जल्द ही अपनी तिमाही कमाई के आंकड़े जारी करने वाली है। इसी दौरान Amazon, Microsoft और Alphabet जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने रिजल्ट्स घोषित करेंगी।
मेटा में पहले भी हो चुकी है छंटनी, यह सिलसिला नया नहीं
अगर आपको लग रहा है कि मेटा में यह पहली बार हो रहा है, तो ऐसा नहीं है। इससे पहले भी Meta अपने मेटावर्स प्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 1,000 कर्मचारियों को हटा चुकी है। मार्च में भी कई टीमों में सैकड़ों लोगों की नौकरी गई थी। इसके अलावा, कंपनी अब कंटेंट मॉडरेशन जैसे कामों में थर्ड पार्टी पर निर्भरता कम करके AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा रही है।
AI बदल देगा काम करने का तरीका
Mark Zuckerberg पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2026 वो साल हो सकता है जब AI पूरी तरह से काम करने के तरीके को बदल देगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स, जिन्हें पहले पूरी टीम मिलकर करती थी, अब एक ही स्किल्ड व्यक्ति कर सकेगा। Meta ने इसके लिए एक नया सिस्टम भी शुरू किया है, जो कर्मचारियों के काम करने के तरीके (जैसे कीस्ट्रोक और माउस एक्टिविटी) को ट्रैक करता है, ताकि AI को और बेहतर ट्रेन किया जा सके। सीधे शब्दों में कहें तो Meta अब कम लोगों में ज्यादा काम और AI के दम पर तेजी से ग्रोथ की रणनीति पर चल रही है। यह छंटनी सिर्फ खर्च कम करने का कदम नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में नौकरियों का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है।


