अमेरिका में मास्टर्स के बाद एक भारतीय छात्र नौकरी न मिलने से परेशान है। वह पैसों की तंगी और बड़े लोन के बोझ से जूझ रहा है। 1000+ आवेदन के बाद भी सफलता न मिलने पर अब वह भारत लौटकर काम करने पर विचार कर रहा है।
अच्छी पढ़ाई और बेहतर ज़िंदगी के लिए भारत से कई लोग विदेश जाते हैं। लेकिन अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों के लिए राह हमेशा आसान नहीं होती। ऐसा ही एक मामला रेडिट पर सामने आया है, जहां एक भारतीय छात्र ने अपनी मुश्किलों को बयां किया है। यह छात्र दो साल पहले मास्टर्स की डिग्री के लिए अमेरिका आया था। पढ़ाई पूरी हुए एक साल हो गया है, लेकिन उसे अब तक कोई पक्की नौकरी नहीं मिली है। रेडिट पर उसने लिखा कि वह इस वजह से बहुत परेशान है।
छात्र ने बताया कि वह पैसों की भारी तंगी से जूझ रहा है। फिलहाल उसके पास एक कॉन्ट्रैक्ट वाली नौकरी है, लेकिन इससे फिक्स इनकम नहीं होती। जिन दिनों काम होता है, उन्हीं दिनों के पैसे मिलते हैं। इस वजह से किराया देने और रोज़ के खर्चे निकालने में भी मुश्किल हो रही है। उसने पढ़ाई के लिए एक बड़ा लोन लिया था, लेकिन कमाई न होने के कारण वह लोन भी नहीं चुका पा रहा है। छात्र ने लिखा कि उसने एक हज़ार से ज़्यादा कंपनियों में अप्लाई किया, लेकिन कहीं से भी अच्छा जवाब नहीं मिला, जिससे वह मानसिक रूप से भी परेशान है।
छात्र का ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) पीरियड मई में खत्म हो रहा है। इसके बाद वह STEM OPT के ज़रिए इसे बढ़वा तो सकता है, लेकिन वह इस उलझन में है कि क्या उसे ऐसी अस्थायी नौकरी के साथ वहां रुकना चाहिए। इसी बीच, उसकी मौजूदा कंपनी ने उसे एक ऑफर दिया है। अगर वह भारत लौटता है, तो कंपनी उसे इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी दे देगी। इसका फायदा यह होगा कि वह भारत में रहकर काम कर सकेगा, पैसे बचा पाएगा और जल्दी अपना लोन चुका सकेगा। साथ ही, छात्र की पीएचडी करने में भी दिलचस्पी है।
इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए हैं। कुछ लोगों ने सलाह दी कि अगर पैसों की इतनी दिक्कत है, तो अमेरिका में रुकने का कोई मतलब नहीं है। बेहतर है कि भारत लौटकर शांति से ज़िंदगी जिए। वहीं, कुछ दूसरे लोगों ने कहा कि मुश्किलें झेलकर भी उसे STEM OPT पीरियड तक रुकना चाहिए और अनुभव हासिल करना चाहिए।
