बेनेट यूनिवर्सिटी बच्चों पर AI के प्रभाव पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस कर रही है। इसमें शिक्षा, सुरक्षा और प्राइवेसी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। रिसर्च एब्स्ट्रैक्ट 3 मई 2026 तक जमा किए जा सकते हैं।

ग्रेटर नोएडा: बेनेट यूनिवर्सिटी ने 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड चिल्ड्रेन: इन्फ्लुएंसिंग सोसाइटीज, ह्यूमन वैल्यूज एंड गवर्नेंस' (Artificial Intelligence and Children: Influencing Societies, Human Values and Governance) विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का ऐलान किया है। यह इवेंट ग्रेटर नोएडा में यूनिवर्सिटी कैंपस में टाइम्स स्कूल ऑफ मीडिया और स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर आयोजित किया जाएगा।

बच्चों पर AI के असर पर रहेगा फोकस

इस कॉन्फ्रेंस का मकसद यह समझना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई डिजिटल टेक्नोलॉजी बच्चों की जिंदगी को कैसे बदल रही हैं। एक्सपर्ट्स इस बात पर चर्चा करेंगे कि आज की तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में AI बच्चों की पढ़ाई, उनके व्यवहार, पहचान और सोच पर क्या असर डाल रहा है। आजकल बच्चे पर्सनलाइज्ड कंटेंट प्लेटफॉर्म, वॉयस असिस्टेंट और इमर्सिव मीडिया जैसे AI टूल्स का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। इस इवेंट में इन टेक्नोलॉजी के फायदों और खतरों, दोनों पर करीब से नजर डाली जाएगी।

इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

कॉन्फ्रेंस में बच्चों की प्राइवेसी, ऑनलाइन सेफ्टी और डिजिटल दुनिया में उनकी मौजूदगी जैसे अहम सवाल उठाए जाएंगे। यह भी देखा जाएगा कि एल्गोरिदम कैसे तय करते हैं कि बच्चे ऑनलाइन क्या देखते और सीखते हैं। एक्सपर्ट्स इस पर भी बात करेंगे कि टेक्नोलॉजी पेरेंटिंग (बच्चों की परवरिश), शिक्षा और बच्चों के आपसी मेलजोल को कैसे बदल रही है।

दुनिया भर से जुटेंगे एक्सपर्ट्स

इस इवेंट में दुनिया भर से रिसर्चर्स, टीचर्स, टेक्नोलॉजिस्ट, पॉलिसी बनाने वाले और बाल अधिकार विशेषज्ञ एक साथ जुटेंगे। इसका मकसद AI से पैदा हुई चुनौतियों का समाधान खोजने और नए आइडिया शेयर करने के लिए एक प्लेटफॉर्म तैयार करना है।

रिसर्च पेपर्स के लिए खुला न्योता

आयोजकों ने कई विषयों पर ओरिजिनल और अनपब्लिश्ड रिसर्च पेपर्स मंगाए हैं। इनमें शिक्षा में AI, डिजिटल पेरेंटिंग, इमर्सिव मीडिया, पहचान, हेल्थकेयर, समावेश, पहुंच और पॉलिसी से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। चुने गए पेपर्स को एक जाने-माने अंतरराष्ट्रीय पब्लिशर की किताब में छापा जाएगा।

जरूरी तारीखें और भागीदारी

एब्स्ट्रैक्ट (रिसर्च का सार) जमा करने की आखिरी तारीख 3 मई, 2026 है। पूरे पेपर 21 जून, 2026 तक जमा करने होंगे। चुने गए पेपर्स की घोषणा 10 जुलाई, 2026 को की जाएगी। यह कॉन्फ्रेंस बेनेट यूनिवर्सिटी में व्यक्तिगत रूप से होगी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के पास ऑनलाइन जुड़ने का विकल्प भी होगा। इस कॉन्फ्रेंस का मकसद बच्चों के भविष्य पर AI के असर को लेकर एक अहम वैश्विक बहस शुरू करना है। यह डिजिटल युग में इनोवेशन के साथ-साथ सुरक्षा और नैतिकता के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर जोर देती है।