विप्रो ने ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक की घोषणा की है। कंपनी ₹250 प्रति शेयर पर 60 करोड़ शेयर (5.7% इक्विटी) वापस खरीदेगी। साथ ही, कंपनी ने Q1 में ग्रोथ -2% से 0% रहने का अनुमान जताया है।

नई दिल्ली: देश की जानी-मानी आईटी कंपनी विप्रो लिमिटेड (Wipro Ltd.) ने गुरुवार (16 अप्रैल) को एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने करीब तीन साल बाद ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) की घोषणा की है। इस बायबैक के तहत कंपनी अपने 60 करोड़ इक्विटी शेयर वापस खरीदेगी, जो कंपनी की कुल इक्विटी शेयर पूंजी का 5.7% है।

कंपनी हर शेयर के लिए ₹250 का भाव देगी। यह कीमत गुरुवार को बाजार बंद होने के समय के शेयर भाव से करीब 19% ज़्यादा है, जिसे प्रीमियम भी कहते हैं। यह बायबैक 'टेंडर ऑफर' (Tender Offer) के ज़रिए होगा। कंपनी के प्रमोटरों और प्रमोटर ग्रुप ने भी इसमें हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। फिलहाल, कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 72.6% है।

इससे पहले विप्रो ने जून 2023 में बायबैक किया था। उस समय कंपनी ने ₹12,000 करोड़ में 4.91% शेयर वापस खरीदे थे, जिसके लिए प्रति शेयर ₹445 का भाव तय किया गया था। दिसंबर 2024 में कंपनी ने 1:1 का बोनस शेयर जारी किया था, जिसके बाद मौजूदा कीमतों में यह बदलाव आया है।

चौथी तिमाही के नतीजे कैसे रहे?

शेयर बायबैक के साथ-साथ विप्रो ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं। कंपनी ने अनुमान लगाया है कि 2027 के वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में उसकी ग्रोथ -2% से 0% के बीच रह सकती है। यह अनुमान CLSA, JPMorgan और Morgan Stanley जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्मों की उम्मीदों के मुताबिक ही है। गुरुवार को विप्रो का शेयर 0.19% की मामूली बढ़त के साथ ₹210.15 पर बंद हुआ। हालांकि, इस साल की बात करें तो विप्रो के शेयरों में कुल मिलाकर 20% से ज़्यादा की गिरावट देखी गई है।