कर्नाटक के बेलगावी में 8वीं के छात्र श्रीशैल जगदेव ने कबाड़ से एक मिनी ट्रैक्टर बनाया है। यह 80 किलो तक वजन खींच सकता है। अब उनका लक्ष्य 500 किलो क्षमता वाला ट्रैक्टर बनाने का है।

बेलगावी (कर्नाटक): कहते हैं 'होनहार बिरवान के होत चीकने पात'। कर्नाटक के बेलगावी में 8वीं क्लास के एक बच्चे ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। यहां के सत्ती गांव के पाटिल पब्लिक इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ने वाले श्रीशैल कलगौड़ा जगदेव ने एक ऐसा मिनी ट्रैक्टर बना दिया है, जो 80 किलो तक का वजन खींच सकता है। इस कारनामे के बाद वह अपने दोस्तों के लिए एक मिसाल बन गया है।

श्रीशैल ने यह ट्रैक्टर घर में पड़े बेकार सामानों से बनाया है। उसके इस टैलेंट को देखकर स्कूल के टीचर भी हैरान हैं और उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। स्कूल की संस्था 'बसवश्री शिक्षण व ग्रामीणभिवृद्धि संघ' के अध्यक्ष चिदानंद पाटिल ने भी श्रीशैल की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा, "श्रीशैल की सोच वैज्ञानिक है और वह हमेशा कुछ नया करने की कोशिश में लगा रहता है। उसने प्लास्टिक पाइप, प्लाईवुड, साइकिल ट्यूब, गत्ते, ड्रिल मशीन और तार के टुकड़ों जैसी बेकार चीजों का इस्तेमाल करके यह ट्रैक्टर तैयार किया है।"

कई खूबियों से लैस है यह ट्रैक्टर

इस ट्रैक्टर का डिजाइन भी खास है। इसमें ब्लूटूथ से चलने वाला साउंड सिस्टम, लाइटिंग और आगे-पीछे जाने की सुविधा भी है। चिदानंद पाटिल ने कहा, "इतनी कम उम्र में ऐसी सोच रखने वाला यह बच्चा भविष्य में जरूर एक बड़ा वैज्ञानिक बनेगा। उसने हमारे स्कूल का नाम रोशन किया है। हम आगे भी उसके हर नए आइडिया में उसकी पूरी मदद करेंगे।"

बाल वैज्ञानिक ने बताया अपना सपना

अपने इस आविष्कार पर श्रीशैल जगदेव ने कहा, "मेरा सपना था कि मैं कुछ नया बनाऊं। इसीलिए मैंने घर के कबाड़ से यह ट्रैक्टर बनाया जो 80 किलो वजन खींच सकता है। अब मैं एक ऐसा ट्रैक्टर बनाने की कोशिश कर रहा हूं, जो 500 किलो तक का वजन उठा सके।"