सार

अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शपथ ग्रहण के बाद चीन और भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं। चीन के साथ संबंध मज़बूत करने के साथ ही भारत के साथ भी बातचीत जारी है।

वर्ल्ड डेस्क। अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) 20 जनवरी को शपथ ग्रहण करने वाले हैं। इसके बाद वह चीन की यात्रा करना चाहते हैं। ट्रम्प की कोशिश चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने की है। ट्रम्प ने चुनाव अभियान के दौरान चीन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी थी। ट्रम्प भारत भी आना चाहते हैं, इसको लेकर बातचीत चल रही है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, "डोनाल्ड ट्रंप ने सलाहकारों से कहा है कि वह पदभार ग्रहण करने के बाद चीन की यात्रा करना चाहते हैं। वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।"

ट्रंप के करीबी लोगों के अनुसार, उन्होंने भारत की संभावित यात्रा के बारे में सलाहकारों से बात की है। पिछले महीने क्रिसमस के आसपास विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका गए थे। इस दौरान ट्रम्प के करीबी लोगों के साथ प्रारंभिक स्तर की बातचीत हुई थी।

क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है भारत

भारत क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाला है। क्वाड में भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि ट्रम्प अप्रैल की शुरुआत में या इस साल के अंत में हो सकती है। इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी को इस वसंत में व्हाइट हाउस की बैठक के लिए ट्रम्प द्वारा आमंत्रित किया जा सकता है।

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बता दें कि ट्रम्प ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात की है। शी ने उनके शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए उप-राष्ट्रपति हान झेंग को भेजा है। यह पहली बार है जब कोई सीनियर चीनी अधिकारी अमेरिकी राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद होगा। भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।

ट्रम्प ने शी को अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। चीन के राष्ट्रपति विदेशी नेताओं के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होते हैं। शी से फोन पर बात करने के बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैंने अभी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की है। मुझे उम्मीद है कि हम मिलकर कई समस्याओं का समाधान करेंगे और इसकी शुरुआत तुरंत करेंगे। हमने व्यापार, फेंटेनाइल, टिकटॉक और अन्य विषयों पर चर्चा की। यह बातचीत दोनों देशों के लिए "बहुत अच्छी" रही।"