सार
पीएम मोदी ने पेरिस AI Action Summit में AI के फायदे और खतरों पर चर्चा की। उन्होंने AI को मानवता के लिए उपयोगी बनाने, ग्लोबल साउथ की पहुँच सुनिश्चित करने और ग्रीन एनर्जी से संचालित AI पर ज़ोर दिया।
PM Modi in Paris AI Summit: पीएम मोदी ने पेरिस में मंगलवार को AI Action Summit को संबोधित किया। मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को इस समिट की मेज़बानी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा: AI पहले से ही हमारी शासन प्रणाली, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को नया आकार दे रही है। AI इस सदी में मानवता के लिए कोड लिख रही है। AI अभूतपूर्व गति से विकसित हो रही है और इसे बहुत तेज़ी से अपनाया जा रहा है। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री के स्पीच की 10 बड़ी बातें...
- AI पहले से ही हमारे जीवन, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को नया आकार दे रहा है।
- हमें सामूहिक वैश्विक प्रयासों की आवश्यकता है ताकि एआई गवर्नेंस और मानकों को हमारे साझा मूल्यों के अनुरूप बनाया जा सके।"
- एआई केवल जोखिमों को प्रबंधित करने का विषय नहीं है, बल्कि नवाचार को बढ़ावा देने और इसे वैश्विक भलाई के लिए लागू करने का भी विषय है।"
- हमें सुनिश्चित करना होगा कि एआई तक सभी की पहुंच हो, विशेष रूप से ग्लोबल साउथ में जहां क्षमताओं की सबसे अधिक कमी है।
- एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में लाखों लोगों के जीवन को बदलने में मदद कर सकता है। PM मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत एक उदाहरण से की जिसमें उन्होंने बताया कि AI स्वास्थ्य रिपोर्ट को सरल भाषा में समझा सकता है।
- तकनीक के कारण नौकरियां खत्म नहीं होतीं, बल्कि नई नौकरियों का सृजन होता है, इसलिए हमें स्किलिंग और री-स्किलिंग में निवेश करना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि तकनीक के आने से काम खत्म नहीं होता, बल्कि नया काम और अवसर बनते हैं। हमें अपने लोगों को AI युग के लिए स्किल्ड और री-स्किल्ड करने की जरूरत है।
- एआई को ग्रीन एनर्जी से संचालित करने की आवश्यकता है, ताकि यह पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ हो।
- PM मोदी ने कहा कि भारत ने 1.4 अरब लोगों के लिए कम लागत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure) तैयार किया है। भारत का राष्ट्रीय AI मिशन (National AI Mission) इसी सोच पर आधारित है, जहां ओपन और एक्सेसिबल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- भारत अपने स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए कम लागत पर कंप्यूट पावर उपलब्ध कराने हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल विकसित कर रहा है। पीएम ने बताया कि G20 की भारत अध्यक्षता के दौरान भारत ने "AI for Good and for All" पर वैश्विक सहमति बनाई थी। भारत न केवल AI टैलेंट पूल (AI Talent Pool) में अग्रणी है, बल्कि यहां लोकल लैंग्वेज मॉडल्स (Local Language Models) और किफायती कंप्यूटिंग संसाधनों पर भी काम हो रहा है।
- PM मोदी ने AI के संभावित खतरों पर भी बात की और कहा कि कुछ लोग मशीनों के इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान होने की चिंता कर रहे हैं, लेकिन यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि AI को मानवता के लिए लाभकारी बनाया जाए। किसी भी तकनीक से अधिक, मानवता की सामूहिक जिम्मेदारी हमें एआई के भविष्य को सही दिशा देने के लिए मार्गदर्शन करनी चाहिए।
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