पूर्व IT प्रोफेशनल मंजुषा नागपुरे कौन हैं? जानिए कैसे BJP पार्षद पुणे की 58वीं मेयर निर्विरोध बनीं, उनकी शिक्षा, राजनीति में एंट्री और PMC चुनाव की पूरी कहानी।
IT सेक्टर में काम कर चुकी मंजुषा नागपुरे अब पुणे की 58वीं मेयर हैं। कांग्रेस और NCP उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद वह निर्विरोध चुनी गईं।
BJP ग्रुप लीडर गणेश बिडकर की अपील पर कांग्रेस की अश्विनी लांडगे और NCP की शीतल सावंत ने नामांकन वापस ले लिया। तीन उम्मीदवारों की दौड़ में मंजुषा अकेली रह गईं और मेयर पद तय हो गया।
2026 के पुणे नगर निगम चुनाव में BJP ने 165 में से 123 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। NCP सिर्फ 21 सीटों पर सिमट गई। ये रिजल्ट पुणे की नगर राजनीति में BJP के मजबूत जनाधार बन गया।
पुणे के IT हब में पारंपरिक भाषणों की जगह डाटा-बेस्ड और कॉर्पोरेट स्टाइल कैंपेन देखने को मिला। युवा और शिक्षित मतदाताओं को टारगेट करने के लिए प्रदर्शन आधारित राजनीति पर जोर रहा।
1979 में जन्मी मंजुषा नागपुरे PMC की सबसे शिक्षित पार्षदों में हैं। सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट और ICFAI से MBA कर चुकी हैं। उनके पास 3.22 करोड़ की संपत्ति है।
मंजुषा पुणे की 10वीं महिला मेयर हैं और पहली बार सिंहगढ़ रोड से मेयर बनी। 3 बार की कॉर्पोरेटर और 2 बच्चों की मां की जीत को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक राजनीति की मिसाल माना जा रहा।