दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को एशिया का सबसे लंबा ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर माना जा रहा है, जो यात्रा को तेज और पर्यावरण को सुरक्षित बनाएगा।
अप्रैल 2026 में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रस्तावित है, जिससे दिल्ली से देहरादून तक का सफर बेहद तेज और आसान हो जाएगा।
210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
गणेशपुर से डाटकाली तक बना 12 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ सेफ्टी कॉरिडोर माना जा रहा है।
संवेदनशील जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खास एलिवेटेड रोड बनाई गई है, जिससे उनका प्राकृतिक आवागमन प्रभावित नहीं होगा।
हाईवे के नीचे अंडरपास बनाए गए हैं, जिससे जानवर सुरक्षित निकल सकें और सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 11,970 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जो आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का शानदार उदाहरण है।
यह एक्सप्रेसवे सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, नोएडा समेत कई शहरों और 2 एक्सप्रेसवे, 5 नेशनल हाईवे से जुड़ेगा।
बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।
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