J&K Budget 2026 पर BJP विधायक देवयानी राणा कौन हैं? जिन्होंने तीखी आलोचना की, फिर भी उमर अब्दुल्ला की NC सरकार के विधायकों ने उनकी तारीफ क्यों की? विधानसभा के भीतर की अनसुनी कहानी।
देवयानी राणा, नग्रोटा विधानसभा से उपचुनाव जीतकर J&K विधानसभा में प्रवेश करने वाली युवा विधायक हैं। उनका पहला भाषण और बजट पर बहस चर्चा का विषय बनी।
देवयानी राणा के पिता दविंदर सिंह राणा, जम्मू के जाने-माने नेता थे। पिता के निधन के बाद उन्होंने अपनी सीट पर उपचुनाव जीतकर राजनीतिक विरासत आगे बढ़ाई।
देवयानी ने University of California, Los Angeles से Economics में BA की डिग्री हासिल की। पढ़ाई और अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने उनके भाषणों को तथ्यपरक और बेबाक बनाया।
देवयानी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पेश किए गए 1.13 लाख करोड़ रुपये के बजट की आलोचना की। शिक्षा, आपदा प्रबंधन और कल्याणकारी योजनाओं में कमी पर सवाल उठाए।
आपदा प्रबंधन के लिए 719 करोड़ रुपये से घटाकर 350.76 करोड़ किए गए। राणा ने पूछा-क्या इतनी राशि बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं से निपटने के लिए पर्याप्त है?
शिक्षा पर कटौती और विकलांगों के लिए बस सेवाओं में कमी पर राणा ने सवाल उठाए। उन्होंने सरकारी योजनाओं में सुधार और अधिक प्रभावी नीतियों की मांग की।
देवयानी ने बजट पर कटाक्ष किया, लेकिन उमर अब्दुल्ला और NC के विधायकों ने उन्हें मेज़ थपथपाकर सम्मान दिया। उनका साहस सभी को प्रभावित कर गया।
देवयानी राणा का भाषण तथ्यपरक, निष्पक्ष और जनता की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित था। यही वजह थी कि विरोध के बावजूद उन्हें दोनों तरफ से सराहना मिली।
देवयानी राणा ने दिखाया कि युवा नेता बिना भेदभाव और भय के सच्चाई के साथ सवाल उठा सकते हैं। उनका स्टाइल J&K राजनीति में नई सोच और पारदर्शिता का संकेत है।