यूनेस्को के अनुसार, 58% देशों ने स्कूलों में मोबाइल बैन किया है। सोशल मीडिया से बच्चों, विशेषकर लड़कियों, के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके चलते कई देश अब बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर भी प्रतिबंध लगा रहे हैं।

नई दिल्ली : स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और साइबर बुलिंग जैसी घटनाएं भी बढ़ रही हैं। इसी चिंता को देखते हुए दुनिया के 58% देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन बैन कर दिए हैं। ये जानकारी यूनेस्को (UNESCO) की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 114 देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर बैन लगाया है। कमेटी के एक सदस्य ने बताया, 'जून 2023 में, 4 में से 1 से भी कम देश (24%) में ऐसा बैन था। 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 40% हो गया और मार्च 2026 तक इसमें 20% की और बढ़ोतरी हुई है।'

लड़कियों के लिए खतरा ज़्यादा!

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल से खाने-पीने से जुड़ी आदतें बिगड़ रही हैं (ईटिंग डिसऑर्डर)। इसका असर लड़कों के मुकाबले लड़कियों पर दोगुना पड़ रहा है। इंस्टाग्राम की वजह से 32% टीनएज लड़कियां अपने शरीर को लेकर हीन भावना (body image issues) से जूझ रही हैं। जो बच्चे 10 साल की उम्र में सोशल मीडिया चलाना शुरू कर देते हैं, उन्हें बड़े होने पर सामाजिक और भावनात्मक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, यह समस्या लड़कों में नहीं देखी गई है।

ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन जैसे देशों ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है। कई दूसरे देशों में भी इस पर बहस चल रही है। हाल ही में कर्नाटक सरकार ने भी ऐसा ही कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है।