Goa AI Mission 2027: गोवा को ग्लोबल टेक हब बनाने की तैयारी है। इसके तहत लोकल टैलेंट को निखारना, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और शासन व्यवस्था में सुधार करना है। नई पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य तकनीक का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना और टूरिज्म, फाइनेंस और पब्लिक सर्विसेज का इस्तेमाल बढ़ाना है। 

Goa AI Policy 2026: अगर आप भी गोवा को सिर्फ खूबसूरत बीच और पार्टी के लिए जानते हैं, तो अब इसे बदलने की बारी है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार गोवा को दुनिया का 'हाईटेक हब' बनाने की तैयारी कर चुकी है। हाल ही में राज्य सरकार ने अपनी नई AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पॉलिसी का ड्राफ्ट पेश किया है, जो आपकी छुट्टियों से लेकर आपके काम करने के तरीके तक सब कुछ बदलने वाला है। आइए जानते हैं कि इस नए प्लान में आपके लिए क्या खास है...

बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर 'ब्रेक'?

इस पॉलिसी का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा बच्चों से जुड़ा है। सरकार विचार कर रही है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित या प्रतिबंधित किया जाए। इसकी जगह बच्चों को 'AI लर्निंग टूल्स' यानी पढ़ाई-लिखाई वाले हाईटेक औजारों की ओर मोड़ा जाएगा, ताकि उनका समय सही जगह इस्तेमाल हो।

'गोवा AI मिशन 2027' पर फोकस

सरकार ने साल 2027 तक के लिए एक बड़ा विजन रखा है। इसका मकसद गोवा को सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि तकनीक और इनोवेशन की फैक्ट्री बनाना है। स्थानीय युवाओं को AI की बारीकियां सिखाई जाएंगी ताकि वे दुनिया से मुकाबला कर सकें। नए बिजनेस शुरू करने वालों को सरकार हर मुमकिन मदद देगी। इसके अलावा राज्य अपनी जरूरत के हिसाब से खास 'लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स' (LLMs) तैयार करेगा।

गोवा के लोगों के लिए क्या खास?

आईटी मंत्री रोहन खौंटे के मुताबिक, इस पॉलिसी का असली फायदा आम नागरिक को होगा। टैक्स भरने से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक, सब कुछ AI की मदद से तेज और पारदर्शी होगा। गोवा आने वाले सैलानियों को AI की मदद से बेहतर और आधुनिक अनुभव मिलेगा। AI के इस्तेमाल में लोगों की प्राइवेसी और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

रिकॉर्ड समय में तैयार हुआ प्लान

हैरानी की बात यह है कि जिस फ्रेमवर्क को बनाने के लिए 100 दिन का समय तय किया गया था, उसे सरकार ने मात्र 50 दिनों में ही तैयार कर लिया। इसके लिए इंडस्ट्री के दिग्गजों और जानकारों से लंबी चर्चा की गई है। यह अभी सिर्फ एक ड्राफ्ट यानी शुरुआती प्लान है। सरकार चाहती है कि आम जनता भी इसमें सुधार के सुझाव दे। 4 मई से यह पोर्टल पर उपलब्ध होगा। अपनी राय देने के लिए आपके पास 15 दिनों का समय होगा। आप 'गोवा ऑनलाइन' पोर्टल या आईटी विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना फीडबैक दे सकते हैं।